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अब आजीवन चीनी राष्ट्रपति बने रह सकते हैं चिनफिंग, संसद ने किया रास्ता साफ

बीजिंग (एजेंसी)।चीन की संसद ने राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति पद के लिए महज दो कार्यकाल की अनिवार्यता को को दो-तिहाई बहुमत से खत्म कर दिया है, जिससे मौजूदा चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के वर्ष 2023 के बाद भी राष्ट्रपति बनने का रास्ता साफ हो गया। चीनी सरकार का ये फैसला सभी के लिए चौकाने वाला रहा। हालांकि इसका इशारा कम्यूनिस्ट पार्टी के 19वीं कांग्रेस में मिल गया था, जब राष्ट्रपति शी जिनपिंग को उनके दूसरे कार्यकाल के लिए जबदस्त समर्थन मिला था, उस वक्त उन्होंने पार्टी चीफ के रुप में एक मैराथन भाषण दिया, जो कि करीब साढ़े तीन घंटे का था।

चीन की राजनीति में एक प्रभावशाली चेहरा

राष्ट्रपति शी जिनपिंग चीन की राजनीति में एक प्रभावशाली चेहरा बन चुके हैं। उनके साथ पार्टी के धड़ों की वफादारी के साथ सेना और व्यापारी वर्ग भी है। इनकी वजह से वो चीन के क्रांतिकारी संस्थापक माओत्से तुंग के बाद सबसे शक्तिशाली नेता माने जाने लगे हैं। शी जिनपिंग की तस्वीरों के होर्डिंग पूरे चीन में देखे जा रहे हैं और सरकारी गानों में उनके आधिकारिक छोटे नाम, 'पापा शी' का इस्तेमाल होना भी अब आम बात हो गई है।

हाल ही में कई विश्लेषकों ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बढ़ते कद की तुलना माओ और डेंग से की है। लेकिन माओ और डेंग कई दशकों तक संघर्ष और युद्धों में गुजारा है। युद्धों के माध्यम से अपनी वफादारी तय की। उनका संबंध चीन के कई बलिदान दिए हैं। इसके विपरीत शी ने अपनी शुरुआत पांच वर्षों के कार्यकाल में अपना खुद का कद और प्रभुत्व बढ़ाने पर जोर दिया है और अपने राजनीतिक दुश्मनों को किनारे लगाने का काम किया है। ऐसे में शी के समक्ष अभी भी चीन की अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के साथ ही भ्रष्टाचार को दूर करने को लेकर लंबी लड़ाई लड़नी हैं।