Yo Diary

वैज्ञानिकों ने खोजा एक अनोखा एंजाइम, सैंकड़ों सालों में खत्म होने वाला प्लास्टिक खाकर करेगा खत्म

ब्रिटेन में यूनिवर्सिटी ऑफ पोट्समाउथ के रिसर्चर जब कॉलेज लैब में अध्ययन कर रहे थे तो उनके साथ एक अनोखी घटना घटी। बैक्टीरिया अध्ययन के दौरान उन्होंने एक ऐसा एंजाइम विकसित किया जो प्लास्टिक के अस्तित्व को खत्म कर सकता है। इस बैक्टीरिया को वह जापान के वेस्ट रिसाइकलिंग सेंटर से लेकर आए थे। जो उन्हें वहां कचरे के ढेर में मिला था। फिर वैज्ञानिकों ने इस बैक्टीरिया पर शोध करना शुरु किया पर तमाम कोशिशों के बाद भी वह उसकी संरचना के बारे में कुछ पता नहीं कर पाए। वहीं लैब में प्रयोग करते हुए वैज्ञानिकों से एक गलती हो गई और इसी गलती से उन्हें एक नया 'प्लास्टिक ईटिंग फॉर्मूला मिल गया।'

इस एंजाइम की सबसे खास बात यह है कि जो प्लास्टिक समुद्रों और मिट्टी में घुलकर खत्म होने में सैंकड़ों साल लगा देता है उसे यह कुछ दिनों में ही खाकर खत्म कर सकता है। 'प्लास्टिक ईटिंग एंजाइम' को विकसित करने का काम भी शुरु हो चुका है और अगर यह प्रक्रिया सफल रही तो दुनिया भर में प्लास्टिक से होने वाले प्रदूषण को रोका जा सकेगा। बता दें हर साल समुद्रों में 80 लाख टन प्लास्टिक घुलता है जिस कारण करीब 10 लाख से ज्यादा जलीय जीवों की मौत हो जाती है। साथ ही दुनियाभर में इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक का केवल 9 फीसदी ही नष्ट हो पाता है।

यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर जॉन मैक्गीहम के मुताबिक यह एंजाइम पॉलीथीन ट्रेफ्थालेट (पीईटी) प्रकार के प्लास्टिक को खाकर खत्म कर सकता है। यह एक ऐसा प्लास्टिक है जिसका इस्तेमाल प्लास्टिक की बोतलों में होता है इसलिए यह दुनिया भर में सबसे ज्यादा पाया जाता है। इस प्लास्टिक को खत्म होने में सबसे ज्यादा समय लगता है। लेकिन इस एंजाइम की सहायता से इसे आसानी से नष्ट किया जा सकता है। प्रोफेसर के मुताबिक एमीनो एसिड देने पर ये एंजाइम दोगुनी तेजी से प्लास्टिक खाने लगता है।