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बजट 2018: कालेधन के खिलाफ और कार्रवाई करेगी सरकार, दो साल में और 90 हजार करोड़ रुपये जुटाए

कालेधन पर नकेल कसने के लिए चलाई जा रही योजनाओं की सफलता से उत्साहित वित्त मंत्री अरुण जेटली ने और कड़ी कार्रवाई का वादा किया। आम बजट पेश करते हुए जेटली ने कहा, कर चोरी रोकने के लिए किए गए उपायों से सरकार ने पिछले दो वित्त वर्षों में 90 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि जुटाई है। हम कालेधन पर अंकुश के लिए ऐसे उपायों को आगे बढ़ाते रहेंगे जिससे ईमानदार करदाताओं को पुरस्कार मिल सके। ऐसे करदाताओं ने नोटबंदी का स्वागत किया था। जेटली ने नोटबंदी को ईमानदारी का उत्सव बताया और कहा कि हम अपने उपायों की सफलता से उत्साहित हैं। उन्होंने नकदी वाली अर्थव्यवस्था को कम करने और कर दायरा बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का जिक्र करते हुए कहा कि इसके काफी सकारात्मक नतीजे मिले हैं। उन्होंने कहा कि नोटबंदी से दीर्घावधि में अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।

भ्रष्टाचार पर नकेल से लाभ

वित्त मंत्री ने कहा कि वादों के मुताबिक सरकार ने कालेधन और भ्रष्टाचार पर नकेल कसी है। इससे आम लोगों को सीधे लाभ मिल रहा है। उनके जीवन स्तर में सुधार आया है। सरकार ने बिचौलियों की भूमिका खत्म कर दी है। जबकि पहले देश भ्रष्टचार से जूझ रहा था। अब भारत विश्व के सर्वाधिक तेजी से विकसित हो रही अर्थव्यवस्था वाले देशों की श्रेणी में शामिल हो गया है।

कारोबार करना आसान

जेटली ने कालेधन पर नकेल कसने के फायदे गिनाए। उन्होंने कहा कि इससे प्रत्यक्ष विदेशी निवेश बढ़ा है और यहां व्यवसाय करना आसान हो गया है। डिजिटल प्रौद्योगिकी के प्रयोग से गरीबों को योजनाओं का पैसा सीधे खाते में पहुंच रहा है।

जिंदगी आसान हो जाएगी

वित्तमंत्री ने कहा, हमारी सरकार ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से आगे बढ़ चुकी है। अब देश के जनसामान्य, विशेषकर गरीब और मध्यवर्ग की जिंदगी को आसान बनाने के लिए ईज ऑफ लिविंग पर जोर दे रही है। सरकार विशेषकर कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने, उत्तम स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने, वरिष्ठ नागरिकों के हितों की रक्षा करने पर विशेष जोर दिया गया है।

जिंदगी आसान हो जाएगी

वित्तमंत्री ने स्वामी विवेकानंद की दशकों पहले हुई यूरोप यात्रा को उद्धुत करते हुए कहा, मुझे विश्वास है कि हम जिस नए भारत के निर्माण की आकांक्षा रखते हैं, वह जरूर आएगा। आप स्वयं को उस रिक्ति में विलय कर दें और विलुप्त हो जाएं तथा अपने स्थान पर नए भारत का सृजन होने दें। उसे किसानों की कुटिया से, हल के जुए से,...झोपड़ी से उत्पन्न होने दें। उसे किराना दुकानदार की दुकान से तथा पकौड़ा, फल या सब्जी बेचने वाले के चूल्हे की बगल से सृजित होने दें। उसे कारखानों से, हाटों से बाजारों से उभरकर आने दें। उसे बाग-बगीचों से पहाड़ियों से तथा पर्वत शृंखलाओं से विकसित होने दें।

आयकर रिटर्न न जमा न करने पर कार्रवाई आयकर रिटर्न दाखिल करने में विफल रहने वाली कंपनियों पर अब अभियोजन चलाया जा सकता है। बेशक कंपनी पर किसी तरह के कर की देनदारी बनती हो या नहीं। सरकार ने आम बजट में इस बारे में प्रस्ताव किया है। सरकार का यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जबकि मुखौटा कंपनियों तथा गैरकानूनी धन के प्रवाह को रोकने के लिए प्रयास तेज किए गए हैं। भाषण में जिक्र 27 बार किसानों का जिक्र 21 बार गरीबों की बात की 20 बार ग्रामीण जनता की बात 16 बार खेती का जिक्र किया 10 बार महिलाओं की बात हुई