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फेडरल फ्रंट 2019 से पहले : तेलंगाना के सीएम राव व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच बैठक

कोलकाता.2019 में लोकसभा चुनाव होना है. अभी इसमें एक साल का वक्त बाकी है. लेकिन राजनीतिक दलों की सक्रियता अभी से बढ़ गयी है. तेलंगाना के मुख्यमंत्री और तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के प्रमुख के चंद्रशेखर राव ने सोमवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात की. अपराह्न साढ़े तीन बजे के करीब राव राज्य सचिवालय नवान्न भवन पहुंचे, जहां खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उनका स्वागत किया. जानकारी के अनुसार, तेलंगाना के मुख्यमंत्री राव और ममता बनर्जी के बीच लगभग डेढ़ घंटे बैठक हुई. बैठक में दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि देश को बदलाव की जरूरत है. इस मुलाकात के दौरान राव ने भाजपा और कांग्रेस के बगैर गठबंधन बनाने की पहल की, लेकिन ममता बनर्जी ने फिलहाल इस तरह की योजना पर आगे बढ़ने से मना कर दिया है. दोनों नेताओं की मुलाकात के बाद तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के अध्यक्ष ने कहा कि अब भाजपा और कांग्रेस से आगे जाकर सोचने की जरूरत है. दोनों पार्टियों (भाजपा व कांग्रेस) ने राष्ट्र के लिए कुछ नहीं किया. बैठक के बाद राव और ममता बनर्जी ने संयुक्त रूप से मीडिया से बात की. तेलं

हम दूसरी पार्टियों से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने दावा करते हुए कहा: हमारा मोर्चा पहले से बड़ा मोर्चा होगा. जो रूटीन मॉडल की तुलना में काफी अलग होगा. देश को परिवर्तन की जरूरत है. हमें राजनीतिक विकल्प चाहिए. किसी एक पार्टी को देश में शासन नहीं करना चाहिए. यह देश की जरूरत है. वहीं, ममता बनर्जी ने कहा कि यह अच्छी शुरुआत है. मेरा मानना है कि राजनीति एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है. हमने मीटिंग में जो भी चर्चा की, वह सीधे तौर पर देश के विकास से जुड़ा है. सुश्री बनर्जी ने राव की बातों का समर्थन करते हुए कहा कि उन्हें नहीं लगता कि किसी एक पार्टी को देश में शासन करना चाहिए. श्री राव ने कहा : हम एक संघीय मोर्चा बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं. क्योंकि भाजपा व कांग्रेस दोनों ही पार्टियां देश चलाने के लायक नहीं है. उन्होंने कहा कि 2019 के आम चुनाव से पहले एक वैकल्पिक एजेंडा और वैकल्पिक राजनीतिक ताकत की जरूरत है, तभी देश को भाजपा व कांग्रेस के कुशासन से मुक्त कराया जा सकेगा.

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ हुई बैठक को सकारात्मक करार देते हुए उन्होंने कहा कि यह संघीय मोर्चे की शुरुआत है. अब इसकी नींव पड़ चुकी है. अब पूरे देश में गैर-भाजपा व गैर-कांग्रेस दलों को एकजुट करने का प्रयास किया जायेगा. राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो तीसरा मोर्चा या फेडरल फ्रंट अब आकार लेता दिख रहा है. आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने भी ममता बनर्जी को उनके प्रयासों के िलए शुभकामनाएं देकर तीसरे मोर्चे की दिशा में बात को आगे बढ़ा दिया है. बदल सकता है राजनीतिक समीकरण इस मुलाकात का राजनीतिक महत्व है. क्योंकि राव ने हाल ही में 2019 के आम चुनाव के लिये भाजपा और कांग्रेस के खिलाफ ‘ तीसरा मोर्चा’ गठित करने का सुझाव दिया था. तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने भी तीसरे मोर्चे के गठन का प्रस्ताव दिया था. राव का कहना है कि ममता बनर्जी ने खुद उन्हें फोन करके उनके प्रस्ताव का समर्थन किया है. उन्हाेंने कहा कि भारत में सबसे बड़ी पार्टियां कहे जानेवाली भाजपा व कांग्रेस दोनों ही देश चलाने के लायक नहीं है. देश को जरूरत है एक गैर-भाजपा व गैर-कांग्रेस फ्रंट की. इन दोनो