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यूपी: ईश्वरशरण उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग अध्यक्ष बने, अब होगी ढाई हजार पदों पर नियुक्ति

उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रो. ईश्वर शरण विश्वकर्मा को उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग, इलाहाबाद का अध्यक्ष नियुक्त किया है। वह दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्राचीन इतिहास, पुरातत्व एवं संस्कृति विभाग में प्रोफेसर हैं। साथ ही आयोग के चार सदस्यों की भी नियुक्ति की गई है। इन नियुक्तियों के संबंध में आदेश शनिवार को अपर मुख्य सचिव संजय अग्रवाल ने जारी किया। ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विवि बरेली के विधि अध्ययन संकाय के अध्यक्ष डॉ. हरबंश, बीएसएस कॉलेज मथुरा के एसोसिएट प्रो. डॉ. कृष्ण कुमार, प्रयाग महिला विद्यापीठ डिग्री कॉलेज इलाहाबाद की प्राचार्य डॉ. रजनी त्रिपाठी व सेवानिवृत्त प्राचार्य डॉ. शेर बहादुर सिंह को सदस्य नियुक्त किया है। उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग में अध्यक्ष और चार सदस्यों की नियुक्ति होने से असिस्टेंट प्रोफेसर और प्राचार्य के ढाई हजार पदों पर चयन का रास्ता साफ हो गया है। इनमें से असिस्टेंट प्रोफेसर के 1150 पदों के लिए लिखित परीक्षा और 702 पदों के लिए इंटरव्यू होना है।

1150 पदों के लिए परीक्षा पर होगा फैसला-

आयोग ने विज्ञापन संख्या 47 के तहत प्रदेश के सहायता प्राप्त डिग्री कॉलेजों में रिक्त 35 विषयों के असिस्टेंट प्रोफेसर के 1150 पदों के लिए जुलाई 2016 में ऑनलाइन आवेदन लिए थे। प्रदेशभर से लगभग 50 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति के बाद इसके लिए होने वाली लिखित परीक्षा पर फैसला होगा। इसके साथ ही विज्ञापन संख्या 46 के जिन 702 पदों के लिए इंटरव्यू नहीं हो सका है उनका इंटरव्यू भी शुरू हो सकेगा। उच्च शिक्षा निदेशालय ने असिस्टेंट प्रोफेसर के 534 पदों का अधियाचन आयोग को भेजा है। आयोग इसकी भर्ती प्रक्रिया शुरू करने पर भी फैसला करेगा। इस आयोग ने सूबे के सहायता प्राप्त डिग्री कॉलेजों में प्राचार्यों के रिक्त 284 पदों के लिए पिछले वर्ष ऑनलाइन आवेदन लिए थे। इन पदों पर चयन हो सकेगा।

शुरू से ही टॉपर रही हैं प्राचार्य डॉ. रजनी त्रिपाठी-

उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग की सदस्य नियुक्त हुई प्रयाग महिला विद्यापीठ डिग्री कॉलेज की प्राचार्य डॉ. रजनी त्रिपाठी शुरू से ही टॉपर रही हैं। मूलत: बुंदेलखंड की रहने वाली डॉ. त्रिपाठी ने बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी में स्नातक की परीक्षा में सभी संकायों में सर्वोच्च अंक प्राप्त किया था। इसके लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री और राज्यपाल ने उन्हें सम्मानित किया था। 1986 में राजकीय महिला महाविद्यालय देवरिया में उन्हें प्रवक्ता की नौकरी स्नातक का टॉपर होने के कारण ही मिली थी। देवरिया के बाद वह हमीरपुर पीजी कॉलेज में तैनात रहीं। फिर उरई स्थित उस कॉलेज में शिक्षक हो गई, जहां उन्होंने पढ़ाई की थी। 1999 में वह उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग द्वारा प्राचार्य पद के लिए चयनित हुईं और दो सितंबर 2002 से प्रयाग महिला विद्यापीठ डिग्री कॉलेज में प्राचार्य के पद पर कार्यरत हैं। अर्थशास्त्र से पीजी करने वाली डॉ. त्रिपाठी आठवें विश्व आर्थिक सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी है।

डॉ. प्रीति गौतम ने लिया उच्च शिक्षा निदेशक का चार्ज-

उच्च शिक्षा निदेशालय में संयुक्त निदेशक पद पर तैनात डॉ. प्रीति गौतम ने शनिवार को निदेशक पद पर कार्यभार ग्रहण कर लिया। वह उच्च शिक्षा निदेशक पद पर नियुक्त होने वाली पहली महिला हैं। प्रीति को यह पद निदेशक आरपी सिंह के सेवानिवृत होने के उपरांत मिला है। डॉ. प्रीति क्षेत्रीय उच्च शिक्षा निदेशालय बरेली में उप शिक्षा निदेशक, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय लखनऊ में प्राचार्य भी रह चुकी हैं। उनकी दो बेटियों में एक आईपीएस अफसर व दूसरी प्रोफेसर है। पदभार ग्रहण करते ही उन्होंने सहायता प्राप्त डिग्री कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 534 पदों का अधियाचन उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग को भेज दिया।

डॉ. प्रीति गौतम ने लिया उच्च शिक्षा निदेशक का चार्ज-

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