YoDiary

साइबर क्राइम में 'जामताड़ा' बनता जा रहा है देश का यह नामी शहर

नई दिल्ली [जागरण स्पेशल]। फर्जी कॉल सेंटर के जरिये भारत के लोगों को ही नहीं, बल्कि विदेशियों को भी चूना लगाने के मामले में यूपी का नोएडा अब झारखंड का जामताड़ा बनता जा रहा है। आलम यह है कि नोएडा में तकरीबन हर महीने फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश हो रहा है। आपको बता दें कि देश में होने वाले ज्यादातर साइबर क्राइम जामताड़ा से ही किया जा रहा है। पूरे देशभर के राज्यों की पुलिस वर्तमान में जामताड़ा में जालसाजों को तलाश रही है। पिछले कुछ महीने के दौरान आधा दर्जन से अधिक मामले इस बात की तस्दीक कर रहे हैं कि दिल्ली के साथ गुरुग्राम, गाजियाबाद और नोएडा में बनाए गए फर्जी कॉल सेंटर से हर महीने सैकड़ों लोगों को चूना लगाया जा रहा है। बुधवार को नोएडा में फर्जी कॉल सेंटर के खुलासे पुलिस के होश उड़ा दिए, जिसमें 12 देशों के तकरीबन 2000 लोगों को चूना लगाने का मामला सामने आया।

फर्जी कॉल सेंटर के पर्दाफाश के बाद खुलासा हुआ है कि इन सभी 12 कॉल सेंटर में एक ही तरह से विदेशी नागरिकों से ठगी की जा रही थी। ये लोग विदेशी नागरिकों के कंप्यूटर स्क्रीन पर पॉप अप मैसेज भेजते थे। इस मैसेज को ऐसा बनाया जाता था कि उसे यह वायरस की तरह लगता था। इसके बाद उसी मैसेज में दिए गए चैट ऑप्शन से संपर्क कर उनसे पैसे मंगवाए जाते थे। ये साइबर ठग बीटेक व एमबीए कर चुके हैं। सेक्टर-58 थाना क्षेत्र में पकड़े गए कॉल सेंटर में सबसे अधिक 400 लोग काम करते थे।

नोएडा में यहां पकड़े गए कॉल सेंटर एफ-12 सेक्टर-8, एफ-16 सेक्टर-6 , बी-84 सेक्टर-2, ई-48 सेक्टर-3,

UP में फर्जी कॉल सेंटर खोल कनाडा के नागरिकों से ठगी 18 अक्टूबर को एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश हुआ था जो यूपी में बैठकर साइबर ठगों का एक गिरोह कनाडा के नागरिकों को चपत लगा रहा था। ये लोग कनाडा के नागरिकों को टैक्स में लाखों रुपये की छूट दिलाने का झांसा देकर पैसे ऐंठ लेते थे। अंग्रेजी बोलने में सक्षम आरोपित खुद को कनाडा के रहने वाले बताते थे। अपनी बातों से ये वहां के नागरिकों का भरोसा जीत लेते थे। नोएडा के सेक्टर-63 में जालसाजों का एक साल से फर्जी कॉल सेंटर चल रहा था। पुलिस को इसकी भनक तक नहीं थी। शाहदरा (दिल्ली) के रहने वाले आरोपित ने अपने पांच अन्य साथियों के साथ यहां पर फर्जी कॉल सेंटर खोल रखा था। आरोपित एक साल से विदेशी नागरिकों के साथ धोखाधड़ी कर रहे थे। इन्हें कनाडा समेत कई देशों के टैक्स नियमों के बारे में अच्छी जानकारी थी। ये विदेशी नागरिकों को इंटरनेट कॉलिंग करते थे। जिस देश के नागरिक से बात करते थे, उस देश के नागरिक की तरह बोलकर खुद को वहां का नागरिक बताते थे।

नोएडा के बाद गुरुग्राम में सबसे ज्यादा फर्जी कॉल सेंटर के मामले दिल्ली-एनसीआर में नोएडा के बाद सब

700 डॉलर तक लेते थे आरोपितों से पूछताछ में पता चला है कि वे अमेरिका के लोगों को कॉल कर लोन अप्रूव होने की बात कहते थे। करीब एक साल से यह कॉल सेंटर चल रहा है। मालिक व आईटी हेड यह कॉलिंग डाटा मुहैया कराते थे। कॉल करने पर जो लोग लोन लेने के इच्छुक होते, उनसे प्रोसेसिंग फीस के नाम पर ठगी की जाती। जैसे ग्राहक बातों में फंसता, 300 से 700 डॉलर तक उससे ठग लिए जाते।

नोएडा के बाद गुरुग्राम में सबसे ज्यादा फर्जी कॉल सेंटर के मामले दिल्ली-एनसीआर में नोएडा के बाद सब

दिल्ली में भी चलते हैं फर्जी कॉल सेंटर नोएडा और गुरुग्राम के साथ ही दिल्ली में फर्जी कॉल सेंटर की भरमार है। सितंबर के आखिरी सप्ताह में फर्जी क़ॉल सेंटर चलाकर हजारों लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक गिरोह का दिल्ली पुलिस ने भंडाफोड़ किया था। इनके पास से पुलिस को लाखों रुपये का सामान और हजारों लोगों का ब्योरा मिला था, जिससे ये गिरोह ठगी कर चुका है या करने वाला था।

नोएडा व गाजियाबाद में बनाया था ठिकाना ये गिरोह फर्जी कॉल सेंटर के जरिए ठगी करता था। इसके लिए गिरोह ने दिल्ली से सटे नोएडा व गाजियाबाद में फर्जी कॉल सेंटर बना रखे थे। इन कॉल सेंटर में काफी संख्या में कर्मचारी भी टेलिकॉलर का काम करते थे।




COMMENTS

Suraj misra

Good work

Ravi

Nice