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फ्लाइट में भी कर सकेंगे इंटरनेट और कॉलिंग सर्विस का इस्तेमाल, 3000 मीटर की ऊंचाई पर मिलेगी सुविधा; ल

हवाई सफर करने वाले यात्रियों को फ्लाइट में ही इंटरनेट और कॉलिंग सर्विस की सुविधा देने के टेलीकॉम रेगुलेटर (ट्राई) के सुझाव को सरकार ने मंजूरी दे दी है। ट्राई ने सुझाव दिया था कि अगर फ्लाइट 3 हजार मीटर की ऊंचाई पर पहुंच जाए, तो इंटरनेट और कॉलिंग सर्विस का इस्तेमाल करने की मंजूरी दी जा सकती है।

दो महीने में लाइसेंस देने का काम होगा पूरा :

टेलीकॉम डिपार्टमेंट के एक अधिकारी ने बताया कि 'इन-फ्लाइट कनेक्टिविटी के लिए लाइसेंस देने का काम आखिरी स्टेज में है और अगले दो महीने में ये काम पूरा हो सकता है।' - दरअसल, फ्लाइट में इंटरनेट और कॉलिंग सर्विस देने के लिए टेलीकॉम कंपनियों के साथ-साथ एयरलाइंस कंपनियों को भी लाइसेंस खरीदना होगा, जिसके बाद ही फ्लाइट में इन सर्विस का इस्तेमाल किया जा सकेगा।

7 करोड़ से ज्यादा का आएगा खर्च :

इंटरनेट कनेक्टिविटी देने के लिए एयरलाइंस कंपनियों को अपने प्लेन में तकनीकी मोडिफिकेशन करवाना होगा। इसके लिए हर प्लेन पर 7 करोड़ से ज्यादा का खर्च आने का अनुमान है। साथ ही इस काम के लिए फ्लाइट को कम से कम 10 दिन तक ग्राउंड पर ही रहना होगा, जिससे कंपनियों को और नुकसान उठाना पड़ेगा।

एक साल का समय और लग सकता है :

एक टेलीकॉम कंपनी के अधिकारी ने बताया कि फ्लाइट में इंटरनेट कनेक्टिविटी मिलने में अभी एक साल तक का समय और लग सकता है। क्योंकि कंपनियों को फ्लाइट के दौरान इंटरनेट कनेक्टिविटी कायम रखने के लिए भी सुविधा करनी होगी। इसके साथ ही चार्ज को लेकर भी अभी परेशानी है क्योंकि फ्लाइट में ये सुविधा देने पर खर्चा भी आएगा।

एक साल का समय और लग सकता है :




COMMENTS

Suraj misra

Good work

Ravi

Nice