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एपल 1 ट्रिलियन डॉलर मार्केट कैप का आंकड़ा छूने के करीब, 13 डिजिट और 12 जीरो वाली पहली कंपनी बनेगी

कैलिफोर्निया.एक ट्रिलियन यानी 1000 अरब डॉलर का मार्केट कैप रखने वाली दुनिया में अभी कोई भी कंपनी नहीं है। एपल 12 जीरो और 13 डिजिट वाली कंपनी बनने का माइलस्टोन जल्दी ही पार कर सकती है। अमेजन, अल्फाबेट और माइक्रोसॉफ्ट और अभी एपल से पीछे हैं। एपल का एक ट्रिलियन डॉलर का मार्केट कैप 67 लाख करोड़ रुपए के करीब होगा। यानी भारत की कुल अर्थव्यवस्था का 42%।

एपल के रेवेन्यू में 60 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी आईफोन की

एपल के 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने की बड़ी वजह आईफोन है। 2007 में कंपनी ने जहां सिर्फ 14 लाख आईफोन बेचे, 2017 में इसका आंकड़ा बढ़कर 21 करोड़ से ज्यादा हो गया। - एपल के कुल रेवेन्यू में 60 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी आईफोन की ही रहती है। 2017 में कंपनी का कुल रेवेन्यू 229 अरब डॉलर था। - एपल के लिए आईफोन के इतर उसकी वियरेबल डिवाइस का बिजनेस भी अच्छा रेवेन्यू दे रहा है। पिछले 12 महीने में एपल वॉच जैसी डिवाइसेस की 9 अरब डॉलर की सेल हुई है।

रेवेन्यू ग्रोथ 10 फीसदी से ज्यादा हुई तो मार्केट कैप बढ़ेगा

अभी एपल की वर्ल्ड वाइड डेवलपर्स कॉन्फ्रेंस चल रही है। सितंबर में एपल का सालाना इवेंट होगा। आईफोन के अगले वर्जन के बाद अगर रेवेन्यू ग्रोथ 10 प्रतिशत से ज्यादा चली गई तो कंपनी साल के आखिरी तक एक ट्रिलियन डॉलर का आंकड़ा पार कर जाएगी। 2017 में एपल की ग्रोथ रेट 6.3% रही थी।

दूसरी कंपनियों के मुकाबले एपल की मौजूदा स्थिति

एपल का मार्केट कैपिटलाइजेशन 943 बिलियन डॉलर है। 57 बिलियन डॉलर और जुड़ने से इसका मार्केट कैप 1 ट्रिलियन डॉलर पार कर जाएगा। - गूगल की कंपनी अल्फाबेट का मार्केट कैप 754 बिलियन डॉलर है। - ऑनलाइन बुकस्टोर से दुनिया की टॉप फाइव कंपनियों की लिस्ट में शामिल हुई अमेजन 784 बिलियन डॉलर पर है। - कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर बनानेवाली माइक्रोसॉफ्ट 752 बिलियन डॉलर पर है। - सबसे ज्यादा चर्चित चीन की कंपनी अलीबाबा का मार्केट कैप 507 बिलियन डॉलर है जो इस दौड़ में काफी पीछे है। - सऊदी अरब की कंपनी अरामको इसी साल पब्लिक होने जा रही है। इसकी वैल्यू 1.5 से 2 ट्रिलियन डॉलर के बीच रहने की उम्मीद है।

दूसरी कंपनियों के मुकाबले एपल की मौजूदा स्थिति

एपल अमेरिकी मल्टीनेशनल टेक्नोलॉजी कंपनी है। इसका हेडक्वार्टर कैलिफोर्निया में है। - स्टीव जॉब, स्टीव वोजनेक और रोनाल्ट वायने ने 1976 में इसे बनाया। 1980 में अचानक बहुत अच्छा प्रॉफिट होने के बाद ये कंपनी पब्लिक हो गई। - इसका काम कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर और ऑनलाइन सर्विस डिजाइन, डेवलप और सेल करना है। - यहां 1,23,000 फुल टाइम एम्प्लाॅइज हैं। दिसंबर 2017 तक 22 देशों में इसके 499 रीटेल स्टोर्स थे। 2017 में इसका कुल रैवेन्यू 229 बिलियन डॉलर था। - आईफोन बनानेवाली ये कंपनी पिछले छह सालों से मोस्ट वैल्युएबल कंपनी बनी हुई है। यही वजह है कि 1 ट्रिलियन डॉलर पार करने की सबसे बड़ी दावेदारी इसकी ही मानी जा रही है। - एपल ने 2010 में माइक्रोसॉफ्ट को मार्केट वैल्यू में पछाड़ा था। 201 में एक्सॉन मोबिल को पीछे छोड़ मोस्ट वैल्यूएबल कंपनी बन गई। 2016 में गूगल की अल्फाबेट कुछ समय के लिए टॉप स्पॉट पर पहुंची लेकिन पिछले दो साल से एपल ही इस पोजीशन पर है।

पेट्रोचाइना सिर्फ एक दिन के लिए 1 ट्रिलियन डॉलर पर थी - 2007 में पेट्रोचाइना कंपनी ने 1 ट्रिलियन डॉलर के मार्केट कैप का आंकड़ा छुआ था। तब शंघाई के शेयर बाजार में उसके शेयर्स में तीन गुना की बढ़ोतरी हुई थी। लेकिन एक ही दिन में कंपनी इस मार्केट कैप से नीचे आ गई। मार्च 2008 तक वह 500 अरब डॉलर पर आ गई। आज वह अलीबाबा से भी पीछे है।




COMMENTS

Suraj misra

Good work

Ravi

Nice