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BS-VI मानक 2020 से होगा लागू, ऑटो कंपनियों की बढ़ रही परेशानी

नई दिल्ली (ऑटो डेस्क)।देशभर में BS-VI उत्सर्जन मानक लागू होने में 2 साल से भी कम समय रह गया है, लेकिन ऑटो कंपनियां इसे लेकर परेशान हो रही हैं। ऑटो कंपनियों के प्रोडक्शन और रिसर्च एंड डेवेलपमेंट डिपार्टमेंट इस टेक्नोलॉजी के बदलाव की तैयारी में जुटे हुए हैं लेकिन उनके सामने यह समस्या है कि वह 2019 के लिए प्रस्तावित BS-IV मॉडल को ही उतारें या फिर BS-VI मॉडल को बनाने पर काम करना शुरू करें।

BS-VI वाहनों के आने के बाद इस बात की भी उम्मीद है कि वाहनों की कीमतों में इजाफा देखने को मिलेगा। हालांकि, बढ़ी हुई कीमतें इस बात पर निर्भर होंगी कि उसमें कौन सा ईंधन इस्तेमाल होगा और उसकी बॉडी कैसी होगी। कयास लगाए जा रहे हैं कि इन मॉडलों की कीमतें 25 हजार रुपये से लेकर 1.5 लाख रुपये तक बढ़ सकती हैं। ऐसा भी माना जा रहा है कि पेट्रोल वाहनों की तुलना में डीजल वाहनों की कीमतें ज्यादा बढ़ सकती है, जिसके चलते देश के ऑटो सेक्टर की शकल बदल जाएगी। फिलहाल देश में BS-IV मानक ही लागू हैं। कंपनियों को जनवरी-फरवरी 2020 से बीएस-4 वाहनों का उत्पादन बंद करना होगा क्योंकि 31 मार्च 2020 के बाद उन वाहनों की बिक्री नहीं की जा सकेगी।

ज्यादातर कंपनियों ने इस बात को माना कि उनके सामने ऑटो सेक्टर के लक्ष्यों को लेकर कई स्थितियां है, जिनसे निपटने के लिए कोई सीधा रास्ता नहीं दिख रहा है। ऐसे में मारुति सुजुकी के चेयरमैन आर सी भार्गव ने कहा, "मेरे हिसाब से वर्ष 2019 की दूसरी छमाही में आने वाली कार BS-VI मानक से लैस होनी चाहिए क्योंकि आप समयसीमा खत्म से कुछ महीने पहले BS-IV कार नहीं उतार सकते। इस बारे में कंपनियों को अपनी रणनीति बनानी होगी।"

भार्गव ने आगे कहा, "BS-VI कार भले ही समयसीमा से पहले उतार दें लेकिन समस्या यह है कि उन कारों के लिए पूरे देश में BS-VI ईंधन नहीं मिलेगा। अगर BS-VI कार BS-IV ईंधन पर चाएंगे तो कार खराब हो सकती है। ऐसे में यह मालूम नहीं है कि चीजें किस तरह काम करेंगी।" भार्गव की इस बात पर टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के उपाध्यक्ष शेखर विश्वनाथन भी सहमत हैं।




COMMENTS

Suraj misra

Good work

Ravi

Nice