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YEAR ENDER 2017: हॉकी में भारत के हिस्से आए दो गोल्ड और 3 ब्रोन्ज मेडल

पिछले साल के आखिर में जूनियर वर्ल्ड कप अपनी झोली में डालने वाली भारतीय हॉकी के लिए साल 2017 मिली जुली सफलता वाला रहा, जिसमें दो गोल्ड और तीन ब्रोन्ज मेडल भारत के नाम रहे। हालांकि बड़े टूर्नामेंट की सफल मेजबानी से अंतरराष्ट्रीय हॉकी में भारत का रुतबा बढ़ा। भारतीय सीनियर मेंस टीम ने इस साल एशिया कप में गोल्ड मेडल जीता जबकि अजलन शाह कप और भुवनेश्वर में हुए हॉकी वर्ल्ड लीग फाइनल में ब्रोन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा। महिला टीम ने 13 साल बाद एशिया कप अपने नाम करके इतिहास रचा तो जूनियर टीम के हिस्से जोहोर बाहरू कप का ब्रोन्ज मेडल रहा। इस साल भारतीय मेंस टीम के कोच रोलेंट ओल्टमेंस की खराब प्रदर्शन के बाद छुट्टी हो गई।

जूनियर वर्ल्ड कप विजेता कोच हरेंद्र सिंह को इस साल महिला टीम की बागडोर मिली तो महिला टीम के कोच रहे नीदरलैंड के शोर्ड मारिन ने सीनियर मेंस टीम का जिम्मा संभाला। जूनियर टीम को जूड फेलिक्स के रूप में नया कोच मिला। हरेंद्र के साथ महिला टीम ने एशिया कप जीता तो मारिन पहले विदेशी कोच हो गए जिनके साथ सीनियर मेंस टीम ने लगातार दो मेडल (एशिया कप और हाकी वर्ल्ड लीग फाइनल) जीते।