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पृथ्वी-2 का रात में हुआ सफल परीक्षण

बालेश्वर, जेएनएन।रमाणु हथियार ले जाने में सक्षम बैलेस्टिक मिसाइल पृथ्वी-2 का जिले के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (आइटीआर) के एलसी-3 से पहली बार रात के समय सफलता पूर्वक परीक्षण किया गया है। यदि मिसाइलों के रात के समय परीक्षण पर नजर डालें तो चंद वर्ष पूर्व अग्नि मिसाइल का परीक्षण रात के समय किया गया था।

भारतीय सेना के सामरिक कमांड बल ने बुधवार को रात 8 बजकर 24 मिनट पर इस मिसाइल का सफलता पूर्वक परीक्षण किया। नौवाहन प्रणाली से सुसज्जित यह मिसाइल दुश्मन के मिसाइल को चकमा देने में सक्षम है। देश में र्निमित 9 मीटर लंबी, एक मीटर चौड़ी, 4600 किग्रा वजन की यह मिसाइल 500 किग्रा विस्फोटक ढोने की क्षमता रखती है। यह तरल एवं ठोस दोनों प्रकार के इंजन से संचालित होती है।

इंटीग्रेटेड गाइडेड मिसाइल डेवलमेंट प्रोग्राम (आइजीएमडीपी) के तहत विकसित प्रथम बैलेस्टिक मिसाइल दोहरे इंजन से संचालित होती है। रात में किए गए परीक्षण के दौरान प्रक्षेपण पथ पर अत्याधुनिक रडार एवं विभिन्न जगहों पर मौजूद इलेक्ट्रो आप्टिक टेलीमेट्री केंद्रों से नजर रखी गई थी। इस परीक्षण के मौके पर डीआरडीओ एवं आइटीआर से जुड़े वैज्ञानिक व अधिकारियों का दल मौजूद था।

भारतीय सेना ने मंगलवार को परमाणु हमला करने में सक्षम अग्नि-2 मिसाइल का सफल परीक्षण किया था। ओडि़शा केअब्दुल कलाम द्वीप (ह्वीलर द्वीप) स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (आईटीआर) से इसका प्रक्षेपण किया गया था। यह मिसाइल 2000 किमी. तक मार कर सकती है। इसके साथ ही पाकिस्तान, चीन, दक्षिण पूर्व एशिया इस मिसाइल के जद में आ गए हैं। अग्नि दो का विकास रक्षा विकास और अनुसंधान संगठन (डीआरडीओ) की प्रयोगशालाओं और भारत डायनेमिक हैदराबाद के साथ मिलकर एडवांस सिस्टम प्रयोगशाला ने किया है।

सतह से सतह पर मार करने वाली मध्यम दूरी की इस मिसाइल का परीक्षण आईटीआर के लंच कांप्लेक्स-4 द्वारा रेल मोबाइल प्रणाली से सुबह 8:38 बजे किया गया था। स्वदेश निर्मित 21 मीटर लम्बी यह मिसाइल एक मीटर चौड़ी, 17 टन वजन की है। यह एक हजार किग्रा. तक का भार वहन कर सकती है।