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भारतीय मूल की ये अंतरिक्ष यात्री उड़ाएगी पहली प्राइवेट स्पेसशिप

भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स एक और इतिहास रचने जा रही हैं. उन्हें अमेरिका में तैयार प्राइवेट स्पेसश‍िप को पहली बार अं‍तर‍िक्ष में ले जाने का गौरव हासिल हो सकता है.

नासा ने प्राइवेट स्पेसश‍िप उड़ान योजना से जुड़ी बोइंग और स्पेसएक्स कंपनी के कमर्शल क्रू की घोषणा कर दी है. इस 9 सदस्यीय क्रू में सुनीता विलियम्स भी शाम‍िल हैं. क्रू में बायें से विक्टर ग्लोवर, मिशेल होपकिंस, रॉबर्ट बेनकेन, डगलस हर्ल, निकोलस मान, क्र‍िस्टफर फर्गुशन, एरिक बो, जोश कसाडा और सुनीता विलियम्स मौजूद रहेंगी.

आपको बता दें कि ये प्राइवेट स्पेसश‍िप कर्मशल स्पेसक्राफ्ट योजना के तहत अंतरिक्ष की उड़ान भरेंगी. पहली उड़ान 2019 की शुरुआत या मध्य तक हो सकती है. शुरुआत में यह क्रू कुछ टेस्ट उड़ान पर जाएगा, जिसमें अलग अलग तरह की परिस्थ‍ितियों से गुजरने की कोश‍िश की जाएगी. आपको बता दें कि इस क्रू में 8 एक्ट‍िव नासा मेंबर हैं और 1 पूर्व अंतरिक्ष यात्री कमर्शल क्रू के रूप में जुड़ा है. ये क्रू मेंबर बोइंग की CST-100 Starliner और SpaceX Dragoncapsules स्पेसश‍िप को इंटरनैशनल स्पेस स्टेशन ले जाने में सहयोग देंगे. आपको बता दें कि इसके साथ ही 2011 के बाद अमेरिकी धरती से अंतरिक्ष की उड़ान भरने वाले ये पहले क्रू भी होंगे.

2014 में बोइंग और स्पेसएक्स दोनों को 6.8 बिलियन डॉलर का कॉन्ट्रेक्ट दिया गया था. यह कॉन्ट्रेक्ट उन्हें स्पेस स्टेशन तक क्रू ले जाने के लिए स्पेसक्राफ्ट तैयार करने के लिए दिया गया था. अपने पहले ऑपरेशनल मिशन में सुनीता विलियम्स और जोश कसाडा बोइंग के विमान से उड़ान भरेंगे. वहीं विक्टर ग्लोवर और मिशेल हॉपकिंस स्पेसएक्स के विमान से इंटरनैशनल स्पेस स्टेशन पहुंचेंगे. आपको बता दें कि जोश कसाडा की अंतरिक्ष के लिए यह पहली उड़ान होगी. वहीं सुनीता विलियम्स अंतरिक्ष में पहुंचकर कई रेकॉर्ड बना चुकी है. 1998 में चुने जाने के बाद सुनीता विलियम्स ने अबतक इंटरनैशनल स्पेस स्टेशन पर 322 दिन बिता चुकी हैं. साथ ही सुनीता विलियम्स 7 बार स्पेस वॉक भी कर चुकी हैं.

स्पेसएक्स जहां नवंबर 2018 में बिना क्रू के डेमो टेस्ट की तैयारी कर रहा है तो बोइंग के क्रू के साथ दोनों शेड्युल टेस्ट अगले साल हो सकते हैं. वहीं स्पेसएक्स का क्रू के साथ टेस्ट अगले साल अप्रैल में संपन्न हो सकता है. टेस्ट सफल होने के बाद नासा इन कंपनियों के विमानों को स्पेस में जाने का सर्ट‍िफ‍िकेशन देगी और बाकी क्रू मेंबर भी आने वाले समय में इस प्रोजेक्ट के साथ जुड़ेंगे. इन टेस्ट में लॉन् अबॉर्ट सिस्टम का भी परीक्षण होगा, जिसके तहत आपातकाल में क्रू मेंबर को सुरक्ष‍ित धरती पर लाने का परीक्षण किया जाएगा. आपको बता दें कि इन टेस्ट उड़ानों के लिए दोनों कंपनियों ने स्पेस शूट भी डिजाइन किया है. जहां सुनीता विलियम्स जिस बोइंग विमान को उड़ाएंगी, उसे नीले रंग में डिजाइन किया गया है.

वहीं स्पेसएक्स ने सफेद रंग के शूट डिजाइन किए हैं आपको बता दें कि अंतरिक्ष में पहले पहुंचने के लिए बोइंग और स्पेसएक्स में रेस चल रही है. हालांकि दोनों कंपनियां अपने तय शेड्यूल से पीछे चल रही हैं. इस मिशन को लेकर सुनीता विलियम्स ने कहा है कि वह काफी रोमांचित हैं और दोबारा स्पेस में जाने के लिए तैयार भी.