Yo Diary

उत्तराखंड की यह कहानी आपको सोचने में मजबूर कर देगी....

उत्तराखंड |युवा, जो कि न सिर्फ किसी भी राष्ट्र का के विकाश को रफ़्तार देता है, बल्कि अपने सोचने-समझने और कार्य करने के नए तरीकों से उस देश की भविष्य कि दशा और दिशा का भी निर्धारण करता है. विश्वभर के तमाम देशों में, 65 % की युवा आवादी के साथ भारत विश्व के सबसे युवा देशों में से एक है. आज का युवा, विज्ञानं प्रौद्योगिकी, हेल्थ-केयर के साथ-साथ विभिन तरीके से सामाजिक विकाश को बढ़ावा दे रहा है, परन्तु जिस सख्या के साथ भारत में मौजूदा दौर में युवा हैं, उसके मुताबिक कार्यों में युवाओं का उतना योगदान नहीं देखने को मिल रहा है. अक्सर जो लोग धारा के विपरीत जाकर नए विचारों पर कार्य करना शुरू करते हैं वही भीड़ से अलग दिखते हैं,

ऐसे ही उत्तराखंड के कुछ होनहार जज्बाती युवाओं ने उत्तराखंड में विभिन सामाजिक समस्याओं को समाप्त करने तथा उत्तराखंड में बच्चों के अधिकारों और उनके हकों को बच्चों-बच्चियों तक पहुंचने के लिए साल 2017 में एक संस्था का गठन किया जिसका नाम है चाइल्ड राइट्स एंड पीपल्स वेलफेयर सोसाइटी (सी.आर. पी.डब्लू. एस.) उत्तराखंड के गढ़वाल, जौनसार तथा कुमाऊं छेत्र के युवाओं की यह संस्था उत्तराखंड के जनजातीय छेत्र जौनसार बावर के 70 गांवों के बच्चों के सार्वजानिक विकाश के लिए कार्यरत है,

हाल में ही देहरादून की एक मलिन बस्ती के 11 बच्चों तथा उनके परिवार के अन्य सदस्यों के आधारकार्ड बनवाकर उन्हें उनकी पहचान दिलवायी इसके साथ ही युवाओं की यह संस्था अब बच्चो को मुख्याधारा की शिक्षा से जोड़कर उन्हें उनके मूल-भूत अधिकार से जोड़ेगी. गौरतालाब है की बिना किसी सरकारी तथा कॉर्पोरेट-फंडिंग के ये युवा अपने जेब खर्चों से कई प्रोजेक्ट्स चला रखें है.

संथा के अध्यक्ष नवीन जोशी का कहना है की युवाओं की यह संस्था उत्तराखंड के पहाड़ी छेत्रों और अन्य जरुरतमंद छेत्रों में बच्चों की गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा , उनके स्वस्थ्य, तथा स्किल-डेवलपमेंट को लेकर कार्यरत है, जिसमे उत्तराखंड के लगभग 100 से अधिक युवा निरंतर किसी न किसी रूप से अपना सहयोग दे रहे हैं. गौरतलब है की जहां आज पैसों और नौकरी की भीड़ आज का युवा अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों को ब्यस्तता के कारण नहीं निभा पा रहा है वहीं मीडिया तथा लोगों की जानकारी से दूर ये युवा पहाड़ तथा वहां की समस्याओं के लिए अपने स्थर से कार्यरत हैं.

गौरतलब है की जहां आज पैसों और नौकरी की भीड़ आज का युवा अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों को ब्यस्तता के कारण नहीं निभा पा रहा है वहीं मीडिया तथा लोगों की जानकारी से दूर ये युवा पहाड़ तथा वहां की समस्याओं के लिए अपने स्थर से कार्यरत हैं.

अगर आप भी इन युवाओ से जुड़कर अपनी सेवा इस देश को देना चाहते है, तो www.crpws.org पर जा कर सारी जानकारी प्राप्त कर सकते है और इनसे सीधे तौर से संपर्क कर देशहित में कार्य प्रारंभ कर सकते है.