Yo Diary

होली और शिव का रिश्‍ता क्‍या है

क्‍या है शिव और होली का संबंध होली और भगवान भोलेनाथ का गहन संबंध है। ये संबध विरक्‍ति में निहित आसक्‍ति का भी है। इसे जानने के लिए आइये इसकी इस कथा को पढें औश्र मनन करें। ये कथा वहां से प्रारंभ होती है जहां पार्वती शिव से विवाह करना चाहती थीं, लेकिन तपस्या में लीन शिव का ध्यान उनकी ओर गया ही नहीं। इसके बाद देवी ने कामदेव से सहायता मांगी।

प्रेम अज्ञान और क्षमा

पार्वती के अनुरोध पर प्रेम के देवता माने जाने वाले कामदेव आगे आए और उन्होंने शिव पर पुष्पबाण चला दिया। तपस्या भंग होने से शिव को इतना ग़ुस्सा आया कि उन्होंने अपनी तीसरी आंख खोल दी और उनके क्रोध की अग्नि में कामदेव भस्म हो गए। फिर शिवजी ने पार्वती को देखा और कुछ कामदेव के बाण का असर और कुछ पार्वती की आराधना- शिव ने उन्हें अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार कर लिया। कामदेव के भस्म हो जाने पर उनकी पत्नी रति रोने लगीं और शिव से कामदेव को जीवित करने की गुहार लगाई। अगले दिन तक शिव का क्रोध शांत हो चुका था। उन्होंने कामदेव को पुनर्जीवित कर दिया। तभी से कामदेव के भस्म होने के दिन होलिका जलाई जाती है और उनके जीवित होने की खुशी में रंगों का त्योहार होली मनाया जाता है। यानि ये सिद्ध हुआ कि भूल के लिए क्षमा कर देने से दूसरे के जीवन में बहार आ सकती है।