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टीम इंडिया के बॉलिंग कोच ने बताया- जसप्रीत बुमराह क्यों बन गए हैं इतने घातक गेंदबाज

भारत के गेंदबाजी कोच भरत अरुण ने कहा है कि जसप्रीत बुमराह के अपरंपरागत गेंदबाजी एक्शन ने उन्हें विश्व क्रिकेट के सबसे खतरनाक तेज गेंदबाजों में से एक बना दिया है। क्योंकि विपक्षी टीम के बल्लेबाजों के लिए उनकी गेंदों को समझना काफी मुश्किल हो जाता है। बुमराह ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मेलबर्न में खेले जा रहे तीसरे टेस्ट मैच में चौथे दिन का खेल समाप्त होने तक आठ विकेट झटक लिए हैं। इस साल जनवरी में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण के बाद से उन्होंने अपने नाम 47 विकेट दर्ज कर लिए हैं।

'जसप्रीत बुमराह का गेंदबाजी एक्शन उन्हें घातक तेज गेंदबाज बनाता है'

अरुण ने कहा,'बुमराह अपने अलग से गेंदबाजी एक्शन की वजह से काफी विशेष बन गया है। शायद बल्लेबाज उसकी गेंदों को थोड़ी देर से पकड़ पाते हैं जिससे वह काफी कारगर बन जाता है। निश्चित रूप से किसी भी तेज गेंदबाज को लगातार 145 किमी प्रति घंटे से या इससे ज्यादा की रफ्तार से गेंदबाजी करने के लिए हाथों से काफी तेजी से गेंद निकालनी पड़ती है। गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलियाई टीम की पहली पारी में जसप्रीत बुमराह ने 33 रन देकर 6 विकेट चटकाए थे। जिसके बाद पूरी कंगारू टीम 151 रन के स्कोर पर सिमट गई थी।

भारत को मैच जीतने के लिए 2 विकेट चाहिए, ऑस्ट्रेलिया को 141 रन

ऑस्ट्रेलिया मैच के चौथे दिन स्टंप्स के समय अपनी दूसरी पारी में 258 रन पर 8 विकेट गंवाकर हार टालने के लिए संघर्ष कर रहा है। मैच के चौथे दिन भारतीय तेज गेंदबाजों ने पांच विकेट साझा किए। वहीं, तीन विकेट रवींद्र जडेजा के खाते में गए। भारत को चार मैचों की टेस्ट सीरीज में 2-1 की अजेय बढ़त बनाने के लिए मैच के आखिरी दिन सिर्फ 2 विकेट की दरकार है। जबकी ऑस्ट्रेलिया को मैच जीतने के लिए अभी 141 रन बनाने हैं। अरुण ने कहा कि कोचिंग स्टाफ को 25 वर्षीय बुमराह को मजबूत बनाए रखने के लिए काफी काम करना पड़ता है क्योंकि उसके गेंदबाजी एक्शन से उसके शरीर पर काफी बोझ पड़ता है।

जसप्रीत बुमराह जब 19 साल के थे तक भरत अरुण से हुई थी मुलाकात

उन्होंने कहा, 'मुझे बुमराह के साथ तब काम करने का मौका मिला जब वह अंडर-19 स्तर पर खेलता था, तब मैं एनसीए में था। मुझे लगा कि बुमराह अपने एक्शन से काफी तेज गेंदबाजी कर सकता है लेकिन इससे उसके शरीर पर असर पड़ता है। यह चुनौती थी और हमने इसके लिए फिजियो व ट्रेनर से चर्चा की थी। इसके बाद हमें लगा कि हमें उसे मजबूत बनाए रखने के लिए उस पर काम करना होगा।'

जसप्रीत बुमराह जब 19 साल के थे तक भरत अरुण से हुई थी मुलाकात