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झारखंड में पशुवध रोकने गए पुलिसकर्मियों पर हमला, हमलावरों ने फेंके बम

पाकुड़, जेएनएन।झारखंड में पाकुड़ के महेशपुर थाना क्षेत्र स्थित डांगापाड़ा गांव में बुधवार सुबह प्रतिबंधित पशुओं का वध रोकने गई पुलिसकर्मियों पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। उग्र भीड़ ने पुलिस निरीक्षक रामेश्वर प्रसाद व थाना प्रभारी उमेश प्रसाद को भी खदेड़कर पीटा। ग्रामीणों की पिटाई से एसआइ नंदकुमार सिंह, हवलदार संजय कुमार यादव व चालक माया शंकर सिंह गंभीर रूप से जख्मी हो गए। इसके बाद भी भीड़ की गुस्सा शांत नहीं हुआ। दोपहर बाद लोगों ने सड़क जाम कर हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस के समझाने पर वे और उग्र हो गए। हमलावरों ने थाने का घेराव कर पथराव शुरू कर दिया और दो बम भी फेंके। पत्थरबाजी में हिरणपुर थाना प्रभारी अवधेश कुमार सिंह व पीसीआर वैन पाकुड़ के चालक जख्मी हो गए।

हालात बिगड़ते देख पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे। इससे भी भीड़ तितर बितर नहीं हुई तो पुलिस ने कई राउंड हवाई फायरिंग की। शाम सात बजे तक वहां तनाव की स्थिति बनी हुई थी। भीड़ जमी थी और प्रशासनिक अधिकारी लोगों को शांत कराने का प्रयास कर रहे थे। पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र प्रसाद वर्णवाल, डीसी दिलीप कुमार झा, एसडीओ जीतेंद्र कुमार देव, एसडीपीओ अशोक कुमार ¨सह थाना में ही डटे थे।

स्कूल परिसर में कर रहे थे वध

पुलिस के अनुसार दिन के करीब 11 बजे 100 नंबर से सूचना मिली कि डांगापाड़ा गांव के प्राथमिक विद्यालय परिसर में कई ग्रामीण प्रतिबंधित पशुओं के वध की तैयारी में। सूचना मिलते ही महेशपुर एसडीपीओ शशि प्रकाश, बीडीओ उमेश मंडल, पुलिस निरीक्षक रामेश्वर प्रसाद व थाना प्रभारी उमेश प्रसाद दलबल के साथ डांगापाड़ा पहुंचे। अधिकारियों ने देखा कि स्कूल परिसर में कुछ लोग प्रतिबंधित पशुओं का वध कर रहे हैं। गांव के बाहर तालाब किनारे भी पशुवध किया जा रहा है।

मना करने पर हुआ बवाल

बीडीओ व एसडीपीओ ने वध करने से मना किया। अधिकारी ग्रामीणों को समझा ही रहे थे कि सैकड़ों महिला व पुरुषों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। उन्होंने लाठी-डंडे भी चलाए। इसके बाद ग्रामीणों ने एसआइ नंदकुमार सिंह, हवलदार संजय कुमार यादव व चालक माया शंकर सिंह की भी बेरहमी से पिटाई कर दी। ग्रामीणों के तेवर देख महेशपुर एसडीपीओ शशि प्रकाश, बीडीओ उमेश मंडल निकल गए। इसके बाद पुलिस निरीक्षक व थानेदार भी भीड़ के शिकार हुए। घायलों का इलाज चल रहा है। गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था। करीब दो घंटे बाद पुलिसकर्मी लौट आए।

मना करने पर हुआ बवाल

पुलिस के लौटने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने वन विभाग कार्यालय के सामने सड़क जाम कर उत्पात मचाना शुरू कर दिया। हमलावरों को समझाने पहुंची पुलिस पर जमकर पथराव किया तथा दो बम भी फेंके। पुलिस ने बचाव के लिए सख्ती बरती।

सार्वजनिक स्थल पर पशुवध बिल्कुल गलत है। ग्रामीण खुलेआम पशुओं का वध कर रहे थे। पुलिस सत्यापन के लिए गांव पहुंची थी। ग्रामीणों ने पुलिस पर हमला किया। इस मामले में दोषी लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। हमलावरों ने पुलिस पर पथराव किया तथा दो बम भी फेंके। कई पुलिस कर्मी जख्मी हुए हैं। दोषियों को चिह्नित किया जा रहा है। -शैलेंद्र प्रसाद वर्णवाल, एसपी, पाकुड़।