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IN PICS : बेईमान मौसम ने झारखंड के किसानों को किया बर्बाद, महंगी हो सकती हैं सब्जियां

रांची : मौसम की बेईमानी ने झारखंड के किसानों की कमर तोड़ दी है. शनिवार को अचानक तेज हवाओं के साथ हुई बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की फसल तबाह कर दी. कच्चे ईंट को भी गला दिया, जिससे ईंट-भट्ठा मालिकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा. हालांकि, गर्मी से परेशान लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिली. लेकिन, रांची, धनबाद, गुमला, चतरा समेत अन्य जिलों में हुई इस बारिश से हुए नुकसान के कारण सब्जियां महंगी हो सकती हैं.

मौसम के मिजाज में आये अचानक परिवर्तन से शनिवार को लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली. दोपहर बाद राजधानी रांची समेत कई जिलों में बारिश हुई. चतरा जिला के सिमरिया प्रखंड समेत कुछ अन्य जगहों पर बरसात के साथ-साथ ओलावृष्टि की खबर है. धनबाद में भारी बारिश और ओलावृष्टि की सूचना है, तो गुमला के बिशुनपुर और चतरा के सिमरिया में भी ओले गिरने की सूचना है. बताया जाता है कि इन जगहों पर हुई ओलावृष्टि के बाद ऐसा लग रहा था, मानो धरती ने सफेद चादर ओढ़ रखी हो.

मौसम विभाग ने दो बजे ही तात्कालिक चेतावनी जारी की थी, जिसमें कहा था कि रांची, रामगढ़, गुमला, लोहरदगा, खूंटी, बोकारो, धनबाद, सरायकेला-खरसावां और पूर्वी सिंहभूम में गरज के साथ बारिश होगी. चेतावनी में यह भी कहा गया है कि अचानक 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी. साथ ही हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश और ओलावृष्टि की भी संभावना जतायी गयी थी.

गुमला के बिशनपुर प्रखंड मुख्यालय में दोपहर 3:30 बजे अचानक मौसम बदल गया. प्रखंड के कई इलाकों में जमकर हुई बर्फबारी और हवाओं के साथ बारिश ने लोगों को ठंड का एहसास करा दिया. रबी की फसल पूरी तरह तहस-नहस हो गयी. बिशुनपुर प्रखंड मुख्यालय समेत अन्य कई गांवों में बर्फ की सफेद चादर बिछ जाने से फसलों को भारी नुकसान हुआ है.

किसान महावीर साहू ने बताया कि हमलोगों ने दो एकड़ जमीन लीज पर लेकर टमाटर की खेती की थी. मौसम की इस मार ने उनकी सारी मेहनत पर पानी फेर दिया. फसल तो तबाह हो ही गयी, खेती के लिए जो कर्ज लिया था, उसे चुकाना भी अब मुश्किल हो जायेगा. इसी तरह, सुमरा पुराने के खेत में लगे कद्दू भी बर्बाद हो गये.

इतना ही नहीं, ईंट भट्ठा मालिकों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा है. बारिश के कारण कच्चा ईंटा गल गया है. दूसरी तरफ, बलेचा कंपनी द्वारा बनवाये जा रहे अर्धनिर्मित पुल के नीचे से मिट्टी कटकर बह जाने के कारण भारी वाहनों के फंसने का खतरा उत्पन्न हो गया है. ज्ञात हो कि एक अप्रैल को भी कई जिलों में तेज आंधी के साथ बारिश हुई थी. जमशेदपुर में इतनी तेज हवाएं चलीं कि मुख्यमंत्री का कार्यक्रम रद्द करना पड़ा था.