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झारखंड : ...जब हाइकोर्ट ने पूछा, आप को किस आधार पर चुनाव प्रक्रिया से रखा गया बाहर

रांची :झारखंड हाइकोर्ट में सोमवार को नगर निगम व नगर निकाय चुनाव में सिर्फ राज्य में निबंधित राजनीतिक दलों को शामिल होने संबंधी अधिसूचना को चुनाैती देनेवाली याचिका पर सुनवाई हुई. एक्टिंग चीफ जस्टिस डीएन पटेल व जस्टिस अमिताभ कुमार गुप्ता की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार व राज्य निर्वाचन आयोग को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया. खंडपीठ ने पूछा कि किस आधार पर प्रार्थी को चुनाव प्रक्रिया से बाहर रखा गया है. शपथ पत्र के माध्यम से जवाब देने को कहा गया. मामले की अगली सुनवाई के लिए खंडपीठ ने नाै अप्रैल की तिथि निर्धारित की.

इससे पूर्व प्रार्थी की अोर से अधिवक्ता अनूप अग्रवाल ने खंडपीठ को बताया कि राज्य सरकार ने नगर निगम व नगर निकाय के मेयर, डिप्टी मेयर तथा अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद का चुनाव पार्टी आधारित कराने के लिए 26 फरवरी को अधिसूचना जारी की थी. उक्त पदों के चुनाव में वही पार्टी भाग ले सकती है, जो राष्ट्रीय पार्टी हो व राज्य के पत्ते से निबंधित हो या पार्टी को राज्य स्तर की मान्यता प्राप्त हो. उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) झारखंड में मान्यता प्राप्त दल नहीं है. पार्टी पिछले चार वर्षों से झारखंड में सक्रिय है. प्रत्येक जिला में जिला स्तर से लेकर नीचले स्तर पर पार्टी का सांगठनिक ढांचा बना हुआ है. यह देश के दो राज्यों दिल्ली व पंजाब में मान्यता प्राप्त दल है. दिल्ली विधानसभा में सत्ताधारी पार्टी व पंजाब विधानसभा में मुख्य विपक्षी दल है.

साथ ही लोकसभा में हमारे चार व राज्यसभा में तीन सांसद हैं. वैसी परिस्थिति में एक सक्रिय राजनीतिक दल को चुनाव लड़ने से रोकना उसके लोकतांत्रिक व संवैधानिक अधिकारों का हनन है. उल्लेखनीय है कि प्रार्थी आप ने याचिका दायर कर अधिसूचना में दिये गये शर्तों को असंवैधानिक बताते हुए निरस्त करने की मांग की है. रांची : नगर निकाय चुनाव को लेकर गहमागहमी तेज हो गयी है. रांची नगर निगम में भाजपा की मेयर प्रत्याशी आशा लकड़ा व डिप्टी मेयर के प्रत्याशी संजीव विजयवर्गीय चुनाव प्रचार में जुट गये हैं. पिछले तीन साल से एक दूसरे के खिलाफ आरोप-प्रत्यारोप लगाने वाले मेयर व डिप्टी मेयर अब एक साथ मंच साझा कर रहे हैं.