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रांची : रिम्स के पूर्व निदेशक डॉ एनएन अग्रवाल के खिलाफ प्राथमिकी, जानें पूरा मामला

रांची : रिम्स के पूर्व निदेशक डॉ एनएन अग्रवाल के खिलाफ गबन और धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है़ आरोप है कि उन्होंने वेतन के मद से 8.12 लाख रुपये अधिक लिये है़ं इस संंबंध में रिम्स के वर्तमान कार्यकारी निदेशक डॉ आरके श्रीवास्तव के बयान पर बरियातू थाना में प्राथमिकी दर्ज हुई है़

जानकारी के अनुसार डॉ अग्रवाल सेवानिवृत्त कर्मचारी थे, इसलिए उनको सेवाकाल के अंतिम वेतन से पेंशन की राशि को घटा कर वेतन लेना चाहिए था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया. इसके बाद रिम्स प्रबंधन द्वारा शासी परिषद में इस मामले को रखा गया, जिसमें उनसे पैसा वापस लेने पर निर्णय हुआ. लिहाजा, डॉ अग्रवाल को नोटिस के माध्यम से पैसा लौटाने के लिए कहा गया, लेकिन उन्होंने अभी तक रिम्स का पैसा वापस नहीं किया है. इसलिए उन पर प्राथमिकी दर्ज की गयी़

उच्च न्यायालय से नहीं मिली थी राहत

राशि वापस नहीं करने के एवज में अब राज्य सरकार डॉ एनएन अग्रवाल से वेतन मद में लिये गये अधिक भुगतान की राशि की वसूली कर सकेगी़ यह राशि 8,12,947 रुपये है़ राशि की वसूली के लिए हाईकोर्ट के न्यायाधीश अपरेश कुमार सिंह की अदालत ने आदेश दिया था. इसके साथ ही अदालत ने डॉ. अग्रवाल की याचिका को खारिज कर दिया था़ ज्ञात हो कि याचिका के माध्यम से डॉ अग्रवाल ने राज्य सरकार के आदेश को हाइकोर्ट में चुनौती दी थी़ अदालत ने कहा कि सरकार का आदेश नियमानुसार सही है़ सरकार डॉ अग्रवाल से वेतन मद में ली गयी अधिक राशि के भुगतान की वसूली कर सकती है़

सेना से सेवानिवृत्ति के बाद बने थे निदेशक : उल्लेखनीय है कि सेना से सेवानिवृत्ति के बाद डॉ एनएन अग्रवाल को रिम्स का निदेशक बनाया गया था़ इस दौरान उन्हें वेतन मद में अधिक भुगतान किया जाता रहा, जबकि उनके वेतन से उनकी पेंशन की राशि घटा कर भुगतान करनी थी. बाद में सरकार ने झारखंड सरकार के पेंशन रूल का हवाला देते हुए अधिक वेतन की वसूली का आदेश दिया था, जिसे उन्होंने हाइकोर्ट में चुनौती दी थी़ सरकार की ओर से सुनवाई के दौरान कहा गया कि अग्रवाल से सर्टिफिकेट प्रोसेस से राशि की रिकवरी की जायेगी़ इस पर अदालत ने आपत्ति जताते हुए कहा कि रिकवरी के मामलों में सर्टिफिकेट प्रोसेस नहीं चलाया जा सकता़, इसलिए सरल प्रक्रिया से इस राशि की वसूली हो़