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चारा घोटालाः अधिवक्ता ने कोर्ट में कहा, कई बीमारी से ग्रसित हैं लालू, कम से कम दी जाए सजा

जागरण संवाददाता, रांची।दुमका कोषागार से अवैध निकासी से संबंधित चारा घोटाला मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री व राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव सहित आठ दोषियों की ओर से गुरुवार को सुनवाई हुई। लालू प्रसाद के अधिवक्ता प्रभात कुमार ने अदालत से लालू को कम से कम सजा देने का अनुरोध किया। अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि लालू प्रसाद की उम्र 70 वर्ष से पार है। वे अनेक बीमारियों से ग्रसित हैं। उन्हें पूर्व में अॉपरेशन भी हुआ है। वर्तमान समय में भी रिम्स में भर्ती हैं। इलाज चल रहा है। लंबे समय तक मुकदमा में ट्रायल फेस किया है। इसके अलावां अन्य परेशानियों से कोर्ट को अवगत कराया।इधर, अन्य दोषियों में पितांबर झा, पंकज मोहन भुई, फूलचंद सिंह, एम एस बेदी, नंदकिशोर प्रसाद, ओपी दिवाकर और नरेश प्रसाद के सजा के बिंदु पर भी सुनवाई हुई। इनके अधिवक्ता भी अदालत से कम से कम सजा दिलाने का अनुरोध किया।

लालू की सजा पर सुनवाई कल संभव

दुमका कोषागार से अवैध निकासी से संबंधित चारा घोटाला मामले में बुधवार को दोषियों की सजा के बिंदु पर सुनवाई शुरू हो गई। सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश शिवपाल सिंह की अदालत में अल्फाबेटिकल सुनवाई शुरू हुई। पहले दिन छह दोषियों की सजा के बिंदु पर सुनवाई वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री व राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद का नाम छठे स्थान पर था। वह अभी रिम्स (राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सांइस) में भर्ती हैं। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से वह कोर्ट में उपस्थित नहीं थे। इस कारण उनकी सजा पर बुधवार को सुनवाई नहीं हुई। लालू की सजा पर सुनवाई शुक्रवार को संभव है।

बुधवार को जिन दोषियों की सजा के बिंदु पर सुनवाई हुई, उसमें विश्वकर्मा एजेंसी के पार्टनर अरुण कुमार सिंह, लिटिल ओक के प्रोपराइटर अजित कुमार शर्मा, वेटरीनरी ऑफिसर बिमल कांत दास, राधा फार्मेसी के प्रोपराइटर गोपी नाथ दास, वेटरीनरी ऑफिसर केके प्रसाद और वेटरीनरी ऑफिसर मनोरंजन प्रसाद शामिल हैं। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से दोषियों की मौजूदगी में उनके अधिवक्ताओं ने अदालत में दलील पेश की। अधिवक्ताओं ने अपने मुवक्किल को कम से कम सजा देने का अनुरोध अदालत से किया। लगभग सभी दोषियों के अधिवक्ताओं ने कहा कि सर, 21 वर्षो से मुकदमा लड़े हैं, जांच में भी सहयोग किए हैं, उनके मुवक्किल कई बीमारियों से ग्रस्त हैं, उम्र भी अधिक है। पत्नी के सिवाय कोई मदद करने वाला नहीं है। इसलिए कम से कम सजा दी जाए। बिमलकांत दास की ओर से अधिवक्ता संजय कुमार ने पक्ष रखा।

उन्होंने अधिक उम्र का हवाला अदालत को दिया। कहा कि बिमलकांत की उम्र 70 के पार है। हृदय रोग, नेत्र रोग, हाई ब्लड प्रेशर आदि बीमारियों से ग्रसित हैं। लंबे समय से मुकदमा लड़े हैं। जमानत का भी दुरुपयोग नहीं किया और जांच में भी सहयोग किया। इन तमाम बिंदुओं को ध्यान में रखकर कम से कम सजा दी जाए। अदालत ने दुमका कोषागार से अवैध निकासी से संबंधित चारा घोटाला मामले में सोमवार को फैसला सुनाते हुए 19 अभियुक्तों को दोषी ठहराया था और सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 21, 22 और 23 मार्च की तिथि निर्धारित की है।