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मेहनत को बनाया ईमान, अपराधी बन रहे इंसान

किसलय शानू, रांची। इसे सरकार की विकासपरक योजना का असर कहें या फिर परिवार का दबाव या बाल-बच्चों के भविष्य के प्रति असुरक्षा का भाव। राजधानी के अपराधी अब नक्सलियों की तरह खुद को सरेंडर कर ईमानदारी का रास्ता अपना रहे हैं। मेहनत को ईमान बनाकर अपराधी इंसान बनने की कोशिश कर रहे हैं। वे परिवार के कहने पर अपना रास्ता बदल रहे है। अपने बच्चों के मोह में अपराध की दुनिया को त्याग कर सुधरने लगे हैं। कोई पकौड़ा गोलगप्पा बेच रहा है, तो कोई खेतीबाड़ी व मजदूरी कर अपनी रोजी-रोटी का जुगाड़ कर रहा है। मेहनत कर परिवार का भरण-पोषण करने में लगे हुए हैं।

पुलिस आंकड़ों की मानें, तो पिछले एक माह में पुलिस ने करीब 570 अपराधियों का सत्यापन कर चुकी है, जिनमें आधा दर्जन से ज्यादा अपराधी मारकाट की दुनिया को त्याग कर इमानदारी के रास्ते को अपना लिए हैं। एक समय था, जब ईमानदारी का रास्ता अपना लिए अपराधी पुलिस के सिरदर्द बनकर बन बैठे थे। पुलिस इनकी गिरफ्तारी के लिए दिन-रात छापामारी करती थी। अब बहुत से अपराधी परिवार, बच्चों के मोह माया के कारण अपराध की दुनिया के त्याग ईमानदारी की जिंदगी व्यतीत करने में लगे हुए है।

केस नंबर 1

चुटिया थाना क्षेत्र का रहने वाले रंजीत कुमार साव को पुलिस ने चोरी मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। वर्ष 2012 में आरोपी को पुलिस ने पकड़ा था। रंजीत पुलिस के लिए सिरदर्द बना था। इसके बाद पुलिस ने आरोपी रंजीत को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। उसके खिलाफ चुटिया थाना में कांड संख्या 168/12 दर्ज था। हाल के दिनों में रंजीत परिवार के दबाव में अपराध की दुनिया को छोड़ पकौड़ा-गोलगप्पा बेचकर परिवार चला रहा है।

केस नंबर 2

तुपुदाना ओपी पुलिस ने नसीम अंसार आम्र्स एक्ट के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। वर्ष 2011 में पुलिस ने आरोपी को गुप्त सूचना पर पकड़ा था। गिरफ्तार होने से पूर्व नसीम आर्म्स सप्लायर था। हाल के दिनोंमें नसीम बच्चों के दबाव में अपराध की दुनिया को दरकिनार करते हुए पतरातू में रहकर खेतीबाड़ी कर परिवार का भरण पोषण कर रहा है।

केस नंबर 2

कोतवाली थाना क्षेत्र का रहने वाले अफताब को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। वह हिंदपीढ़ी के नूरनगर का रहने वाला है। आरोपी अफताब पर डकैती, लूट और चोरी के कई मामले दर्ज हैं। पुलिस के लिए सिरदर्द बने अफताब को पुलिस ने बहुत मशक्कत के बाद गिरफ्तार कर जेल भेजा था। हाल के दिनों में आफताब परिवार के दबाव में आकर मोबाइल बेचने का काम कर रहा है।

केस नंबर 4:-कलालपुर थाना क्षेत्र का रहने वाला बगुला राम को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। वह करमटोली तालाब के पास रहता है। बगुला पर रंगदारी और मारपीट का मामला दर्ज था। जेल से सजा काटने के बाद हाल के दिनों में बगुला मजदूरी कर जीवन यापन कर रहा है। पुलिस के घर पर आने और सामाज में छवि खराब होने के चक्कर में बगुला ने अपराध की दुनिया को छोड़ ईमानदारी के रास्ते को अपनाया है।