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झारखंड : सर्वे का काम पूरा, रांची के 390 स्कूलों का विलय होगा, जानें पूरा मामला

रांची : रांची के 390 प्राथमिक व मध्य विद्यालयों का विलय निकटतम विद्यालयों में किया जायेगा. सभी विद्यालय शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत तय निर्धारित मापदंड काे पूरा नहीं करते हैं. इसके लिए जिला के 1051 विद्यालयों का सर्वे कराया गया था. सर्वे रिपोर्ट के अाधार पर 390 विद्यालय विलय के योग्य पाये गये हैं. रांची में 100 विद्यालय ऐसे हैं, जिनमें नामांकित बच्चों की संख्या 20 से कम है. इन विद्यालयों के एक किलोमीटर के अंदर दूसरा विद्यालय स्थित है. जिला में 87 वैसे प्राथमिक व मध्य विद्यालय हैं, जहां नामांकित विद्यार्थियों की संख्या 21 से 60 के बीच है. इन विद्यालयों के पांच सौ मीटर की परिधि में दूसरे विद्यालय स्थित हैं. जिला में एक ही परिसर में संचालित दो या इससे अधिक प्राथमिक व मध्य विद्यालयों की संख्या 64 है. इन विद्यालयों काे भी निकटतम विद्यालय में मर्ज किया जायेगा. राज्य भर में मापदंड पूरा नहीं करनेवाले विद्यालयों को निकटतम विद्यालय में मर्ज किया जा रहा है.

रांची में सर्वे के बाद विद्यालयों के विलय का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है. विद्यालयों के विलय के लिए सभी प्रखंडों में 20 मार्च तक प्रखंड शिक्षा समिति की बैठक आयोजित करने को कहा गया है. इस संबंध में रांची के उपायुक्त ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी को पत्र लिखा है. प्रखंड शिक्षा समिति से अनुमोदित लिस्ट 21 मार्च तक जिला परियोजना कार्यालय को उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है. इसके बाद 24 मार्च तक जिला प्रारंभिक शिक्षा समिति की बैठक होगी. बैठक में सभी प्रखंडों से विद्यालय के विलय के लिए भेजे गये नामों पर विचार किया जायेगा. जिला प्रारंभिक शिक्षा समिति की स्वीकृति के बाद विलय की प्रक्रिया पूरी हो जायेगी

पारा शिक्षकों की सेवा बनी रहेगी

विद्यालयों के विलय के बाद संबंधित विद्यालय के पारा शिक्षक व रसोइयों की सेवा पूर्व की भांति बनी रहेगी. जिस विद्यालय का विलय होगा, उसमें कार्यरत पारा शिक्षक की सेवा नये विद्यालय को सौंप दी जायेगी. उल्लेखनीय है कि स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग ने मार्च अंत तक विद्यालयों के विलय की प्रक्रिया पूरी करने के लिए कहा है. इस संबंध में सभी उपायुक्त को पत्र भी लिखा गया है.

विद्यालयों के मर्ज करने का मापदंड

वैसे प्राथमिक/मध्य विद्यालय, जिनमें 20 से कम विद्यार्थी नामांकित हों तथा एक किलोमीटर की परिधि में अन्य विद्यालय स्थित हों. वैसे प्राथमिक/मध्य विद्यालय, जिनमें 21 से 60 विद्यार्थी अध्ययनरत हों तथा 500 मीटर की परिधि में अन्य विद्यालय अवस्थित हों. वैसे विद्यालय, जिनमें 21 से 40 विद्यार्थी नामांकित हों तथा एक किलोमीटर परिधि में दूसरा विद्यालय अवस्थित हो. वैसे मध्य विद्यालय, जिनमें प्राथमिक स्तर पर 60 से अधिक तथा उच्च प्राथमिक स्तर पर 60 से कम विद्यार्थी अध्ययनरत हों तथा दो किलोमीटर की दूरी में दूसरा मध्य/उच्च विद्यालय हो. एक ही परिसर में संचालित दो या उससे अधिक विद्यालय.

विद्यालयों के मर्ज करने का मापदंड