Yo Diary

कुरमी विकास मोर्चा की बैठक में लिया गया निर्णय, 23 अप्रैल को झारखंड बंद

रांची :कुरमी/कुड़मी विकास मोर्चा की बैठक रविवार को कचहरी स्थित होटल गंगा आश्रम में हुई. मोर्चा के अध्यक्ष शीतल ओहदार ने कहा कि 28 जनवरी को मोरहाबादी मैदान में आयोजित महारैली में राज्य सरकार को एक माह का अल्टीमेटम दिया गया था, लेकिन समय बीतने के बाद भी सरकार ने इसको लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखायी. इसलिए 23 अप्रैल को पूरा झारखंड बंद रहेगा. श्री ओहदार ने कहा कि कुरमी जाति वर्ष 1950 से लेकर अब तक अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रही है, लेकिन आज तक किसी ने ध्यान नहीं दिया. श्री ओहदार ने कहा कि राज्य सरकार भी साजिश के तहत कुरमी को केवल बांटने का काम कर रही है. सरकार यह चाहती ही नहीं है कि राज्य के कुरमी एकजुट रहें. मोर्चा के केंद्रीय उपाध्यक्ष राजेश महतो ने कहा कि कुछ जनजातियों द्वारा कुरमी की एसटी की मांग का विरोध किया जा रहा है, जो निराधार है.

ऐसे लोग पहले कुरमी के इतिहास को जान लें. मोर्चा के केंद्रीय सचिव रामपोदो महतो ने कहा कि 23 अप्रैल का झारखंड बंद ऐतिहासिक होगा. अगर इस बार भी सरकार नहीं हमारी बातों पर ध्यान देती है तो 72 घंटे का बंद का ऐलान किया जायेगा. बैठक में सागर महतो, सखीचंद महतो, संजय लाल महतो, सुषमा देवी, लालो देवी, अर्जुन महतो, टीपू महतो, ओमप्रकाश महतो, रचिया महतो, रत महतो, राजकुमार महतो, संजय महतो, विक्रम महतो आदि ने संबोधित किया. सोमनाथ महतो बने केंद्रीय प्रवक्ता: केंद्रीय पदाधिकारियों के समक्ष मोर्चा के केंद्रीय प्रवक्ता के रूप में सोमनाथ महतो का मनोनयन किया गया.

सरकार केंद्र को भेजे प्रस्ताव, नहीं तो भुगतना पड़ेगा खामियाजा : रामटहल

रांची : 29 अप्रैल को होने वाले कुरमी/कुड़मी महाजुटान को लेकर रविवार को पूर्व मंत्री छत्रुराम महतो की अध्यक्षता में झारखंड कुरमी संघर्ष मोर्चा की बैठक विधायक जेपी पटेल के आवास पर हुई. बैठक में मोरहाबादी में आयोजित होनेवाले महाजुटान को सफल बनाने की रूपरेखा तय की गयी. इस मौके पर रांची के सांसद रामटहल चौधरी ने कहा कि आज पूरे राज्य के कुरमी एकजुट हुए हैं. अगर अब भी राज्य सरकार कुरमी को एसटी बनाने के लिए सकारात्मक रिपोर्ट केंद्र सरकार को नहीं भेजती है, तो इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा. महाजुटान के मुख्य संयोजक पूर्व सांसद शैलेंद्र महतो ने कहा कि यह महाजुटान ऐतिहासिक होगा. पूर्व मंत्री जयप्रकाश भाई पटेल ने कहा कि हर राजनीतिक दल कुरमी के प्रति अपना एजेंडा सामने रखे. पूर्व मंत्री लालचंद महतो ने कहा कि अगर कुरमी को एसटी में शामिल नहीं कराया गया, तो फिर किसी भी राजनीतिक दल के नेता को कुरमी बहुल इलाके में घुसने नहीं दिया जायेगा.

डॉ राजाराम महतो ने कहा कि यह लड़ाई अब अंतिम चरण में है. बैठक में रणधीर चौधरी, डॉ धनेश्वर महतो, भुवनेश्वरमहतो, मेघनाथ महतो, संजीव महतो, मेघनाथ महतो, महानंद महतो, प्रकाश महतो, मनोज महतो आदि मौजूद थे.