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काशीनाथ महतो गोली कांड: कुर्की शुरू होते ही बलि साहू ने किया सरेंडर, जानें पूरा मामला

रांची :अरगोड़ा थाना क्षेत्र के बहुचर्चित काशीनाथ महतो गोली कांड मामले के मुख्य अभियुक्त बलि साहू के घर रविवार को अरगोड़ा पुलिस ने कुर्की की कार्रवाई शुरू की. कार्रवाई शुरू करते ही बलि साहू अरगोड़ा थाने पहुंचा और जहां कुर्की चल रही थी वहां जाकर सरेंडर कर दिया. बलि साहू को गिरफ्तार कर कुर्की की कार्रवाई रोक दी गयी. आपको बता दें कि गोलीकांड 1 फरवरी को हुआ था. 24 फरवरी को मामले में 2 लोग हथियार के साथ भी पकडे गये थे. उन्होंने ही बलि साहू का नाम लिया था.

कहां मारी गयी गोली

अरगोड़ा थाना क्षेत्र के अशोक नगर गेट नंबर चार के पास अपराधियों ने पुंदाग साहू चौक निवासी काशीनाथ महतो को गोली मार दी थी. घटना को शाम करीब सात बजे अंजाम दिया गया था. काशीनाथ जमीन के कारोबार से जुड़े हैं. घटना के दौरान काशीनाथ अपने बच्चों को ट्यूशन से लेने आये थे. घटना को अंजाम देने के बाद बाइक सवार अपराधी भाग निकले थे. गंभीर हालत में उन्हें मेडिका अस्पताल में भर्ती कराया गया था.

क्या बताया था परिवार ने

परिवार के लोगों ने बताया था कि काशीनाथ बच्चों को ट्यूशन से लेने के बाद कार में बैठ रहे थे, तभी अपराधियों ने तीन फायरिंग की. एक गोली काशीनाथ को लगी. वे किसी तरह ट्यूशन क्लास के अंदर भागे. इसके बाद लोगों ने उन्हें मेडिका में भर्ती कराया गया. पुलिस को आशंका जतायी थी कि घटना को अंजाम अपराधियों ने रेकी के बाद दिया.

क्या कहा था भाई ने

काशीनाथ के भाई ने सिटी एसपी को बताया था कि काशीनाथ का विवाद जमीन कारोबार से जुड़े बलि साहू के साथ चल रहा था. उसने काशीनाथ को हत्या की धमकी भी दी थी. उसी ने शूटरों को सुपारी देकर काशीनाथ की हत्या के लिए भेजा था. इसके बाद पुलिस की एक टीम में पुंदाग स्थित बलि साहू के घर पहुंची थी. इस दौरान साहू के परिजनों ने पुलिस को बताया था कि वे इंडिया से बाहर हैं.

क्या कहा था भाई ने

घटना के कुछ दिन बाद सिटी एसपी ने बताया था कि बलिराम साहू व काशीनाथ महतो एक साथ मिल कर जमीन का काम करते थे. आलम हाता चौक के समीप एक जमीन लेकर बेचने में काशीनाथ ने भी रुपये इंवेस्ट किये थे. इस काम में बलिराम को तीन करोड़ रुपये से अधिक मिले. इसमें एक करोड़ से अधिक हिस्सा काशीनाथ को मिलना था, लेकिन बलिराम उसे सिर्फ 30-35 लाख ही देना चाहता था. इसी रकम को लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा था. इसी वजह से बलिराम ने पूर्व में काशीनाथ को धमकी दी थी.