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पीएम आवास योजना स्वीकृत कराने में झारखंड सबसे आगे, जानें इस योजना के तहत घर लेने की प्रक्रिया

रांची : हाउसिंग फॉर ऑल के तहत केंद्र द्वारा चलाये जा रहे प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी)में झारखंड जरूरत के मुताबिक आवासों को स्वीकृत कराने वाला देश का पहला राज्य बन गया है. आवश्यकता के अनुसार निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध 59 प्रतिशत आवासों की स्वीकृति झारखंड सरकार को मिल गई है. गौरतलब है कि केंद्र सरकार पूरे देश में वर्टिकल 1,2,3,4 के तहत शहरी गरीबों को आवास मुहैया कराने का काम कर रही है. इसके तहत झारखंड में कुल 2,62,000 शहरी गरीब परिवारों को घर की जरूरत है, जिसमें 1,54,763 आवासों के लिए केंद्र ने स्वीकृति दे दी है. बाकी बचे आवासों की स्वीकृति के लिए नगर विकास और आवास विभाग द्वारा कार्रवाई की जा रही है.

मालूम हो कि केंद्र सरकार द्वारा झारखंड के शहरों के लिए अब तक स्वीकृत 1,54,763 से ज्यादा आवासों में सबसे ज्यादा 1,01,000 आवास वर्टिकल 4 के तहत बनने हैं. लगभग 30,000 परिवारों को आवास का लाभ पहले ही दिया जा चुका है.बाकी बचे आवास निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है. क्या है वर्टिकल फोर : वर्टिकल फोर में बनने वाले आवास में अधिकतम 30 वर्ग मीटर के क्षेत्रफल के लिए केंद्रांश 1,50,000 रुपये, राज्यांश 75,000 रुपये व लाभुक अंशदान लगभग 1,37,000 रुपये का होता है. वर्टिकल 4 के तहत शहर में आवास का लाभ लेने के लिए कुछ शर्तें भी रखी गयी हैं, जिसमें लाभार्थी आवेदक संबंधित स्थानीय नगर निकाय का निवासी हो,उसके पास घर बनाने के लिए अपनी जमीन हो, लाभार्थी के पास देश के किसी भी भाग में अपना पक्का मकान ना हो,लाभार्थी परिवार की अधिकतम आय वार्षिक तीन लाख से ज्यादा ना हो.

ऐसी पात्रता रखने वाले लाभार्थी वर्टिकल 4 के तहत अपने नगर निकाय में प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन दे सकते हैं.गौरतलब है कि वर्ष 2017 में दो अक्तूबर, 15 नवंबर और वर्ष 2018 में 26 जनवरी को राज्य सरकार ने सामूहिक रूप से गृह प्रवेश करा कर लाभुकों को घर देने का काम किया है.