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प्रभात खबर के अपराजिता सम्मान समारोह : 17 को धनबाद में एक शाम रंजीत रजवाड़ा के नाम

धनबाद :कोयलांचल की अपराजिताएं 17 मार्च को सम्मानित होंगी. अपराजिता सम्मान समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया जायेगा. समारोह को यादगार बनाने के लिए देश के उभरते गजल सम्राट रंजीत रजवाड़ा धनबाद आयेंगे.

सारेगामापा से हुए चर्चित

गुलाम अली के शिष्य रंजीत सिंह रजवाड़ा देश में गजल के क्षेत्र में चर्चित चेहरा हैं. सारेगामापा ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलायी थी. गुलाबी नगरी जयपुर के रहनेवाले रंजीत सिंह रजवाड़ा गजल सम्राट जगजीत सिंह की गजलों के जरिये शहरवासियों के दिलों में उतरेंगे. उनकी मखमली आवाज हमें फिर से जगजीत सिंह की गजलों की करिश्माई दुनिया में ले जायेगी. रंजीत सिंह रजवाड़ा की गजलों में जो रवानगी है, वह बहुत कुछ गुलाम अली की शागिर्दी में आयी. रंजीत सिंह रजवाड़ा की गुलाम अली से पहली मुलाकात आगरा में हुई.

आगरा में गुलाम अली अपने एक कार्यक्रम के सिलसिले में आये हुए थे. रंजीत पंवार जयपुर से अपने पिता महेश पंवार के साथ उनसे मिलने आगरा पहुंचे. रंजीत की आवाज में गुलाम अली ने अपनी गजलों को जब सुना, तो वे हैरत में पड़ गये. वे वहां दो दिन तक गुलाम अली के साथ ही रहे और गजल की कई बारीकियां उनसे सीखीं. तब से रंजीत पंवार को गुलाम अली ने अपना शिष्य बना लिया. गुलाम अली भारत में जहां भी परफारमेंस देने जाते, ज्यादातर जगहों पर वे साथ होते. उस समय के रंजीत पंवार से लेकर आज के रंजीत सिंह रजवाड़ा तक, उन्होंने कभी गुलाम अली की सिखायी मौसिकी की लकीर नहीं छोड़ी. इसी लगन ने उन्हें सारेगामापा के मंच पर सफलता दिलायी और अब लाखों गजल सुनने वालों के दिलों पर राज कर रहे हैं.

रंजीत सिंह रजवाड़ा

जन्म : 13 दिसंबर, 1992 गृह नगर : जयपुर (राजस्थान) गुरु : पंडित चिरंजी लालजी तनवर पुरस्कार : 2000 : राजस्थान रत्न, 2005 : बालश्री सम्मान, 2006 : सर्वश्रेष्ठ गायक का सम्मान. साथ ही महाराष्ट्र रत्न.

रंजीत सिंह रजवाड़ा