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बंदगांव में पुलिस-पब्लिक में झड़प, लोग बोले : पुलिस ने महिला को कुत्ते से कटवाया, एसपी ने बताया पत्थ

-भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने की हवाई फायरिंग, सबको परिसर से निकाला-एनएच-75 पर डटे रहे लोग, डीएसपी से वार्ता के बाद देर शाम जाम हटाया

-डीएसपी ने बेहतर इलाज और दोषी जवानों पर कार्रवाई का दिया है आश्वासन

बंदगांव :- कराईकेला थाना क्षेत्र में शनिवार को जम कर बवाल हुआ. ग्रामीणों के मुताबिक नक्सल विरोधी अभियान के दौरान निर्दोष लोगों पर सीआरपीएफ ने ज्यादती की. पुलिस ने एक महिला को कुत्ते से कटवा दिया और जब इस पर बातचीत करने की कोशिश की गयी, तो ग्रामीणों को सीआरपीएफ जवानों ने बुरी तरह पीट कर घायल कर दिया. सुबह के समय हुई इस घटना से आक्रोशित हजारों ग्रामीणों ने पारंपरिक हथियारों से लैस होकर कराईकेला थाने का घेराव करते हुए एनएच-75 को जाम कर दिया. पुलिस जब वार्ता करने पहुंची, तो उनसे धक्का-मुक्की की गयी. भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने दो राउंड हवाई फायरिंग की, उसके बाद भीड़ को परिसर से बाहर निकाल कर थाने का मुख्य द्वार बंद कर दिया. इसके बाद करीब ढाई हजार महिला-पुरुष सड़क जाम कर मौके पर डटे रहे. देर शाम डीएसपी से वार्ता के बाद जाम हटाया गया. वहीं पश्चिम सिंहभूम के एसपी मयूर पटेल कन्हैयालाल का कहना है कि मामला पत्थलगड़ी से जुड़ा है. पुलिस ने कोई ज्यादती नहीं की. पत्थलगड़ी वाले गांव में पुलिस के जाने का लोग विरोध कर रहे हैं.

ऐसे भड़का गुस्सा :

कराईकेला थाना क्षेत्र के अतिनक्सल प्रभावित क्षेत्र तोपकुरा, नवादा, चिंगिदा आदि गांवों के लोग नक्सल विरोधी ऑपरेशन के दौरान पुलिस द्वारा कथित तौर पर होनेवाली ज्यादती से परेशान हैं. ग्रामीणों के अनुसार सीआरपीएफ, जिला पुलिस बल द्वारा निर्दोष ग्रामीणों तथा महिलाओं के साथ गलत तरीके से दबाव देकर नक्सलियों की सूचना मांगी जाती थी. इसका विरोध करने पर पुलिस ने मेरियम सोय नामक महिला पर प्रशिक्षित कुत्ता से हमला करवा दिया. कुत्ते ने महिला के दायें पैर का मांस नोच डाला. इस घटना से ग्रामीण आक्रोशित हो गये और दल बना कर बातचीत करने सीआरपीएफ के पास गये, लेकिन जवानों ने ग्रामीणों पर ही हमला कर दिया. ग्रामीणों को बंदूक की बट व लाठियों से पीटा गया, जिसमें दर्जन भर से ज्यादा लोग बुरी तरह घायल हो गये. सुबह करीब साढ़े 10 बजे हुई इस घटना के बाद ग्रामीण गोलबंद हो गये और सभी घायलों को साथ लेकर वाहनों में सवार होकर शाम करीब पांच बजे कराईकेला थाना पहुंच गये. वहां नारेबाजी करते हुए पूरे थाना परिसर को घेरे में ले लिया तथा एनएच-75 को भी जाम कर दिया. जाम से रांची-चाईबासा मार्ग पर आवागमन ठप हो गया.सूचना पाकर अनुमंडल पु

डीएसपी से वार्ता के बाद जाम हटाया

देर शाम चाईबासा डीएसपी प्रकाश सोय जाम स्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की. उन्होंने घायलों का टीएमएच जमशेदपुर में बेहतर इलाज कराने का आश्वासन देते हुए जाम हटाने को कहा. वार्ता में डीएसपी ने यह भी आश्वासन दिया कि दोषी जवानों पर कार्रवाई के लिए वह एसपी से बात करेंगे. इसके बाद ग्रामीण जाम हटाने को राजी हुए. इस दौरा करीब पांच घंटे एनएच जाम रहा.ग्रामीणों की मांग है कि अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों में पुलिस बिना ग्रामसभा की अनुमति के दाखिल न हो. सभी घायलों का इलाज हो और मुआवजा मिले. निर्दोष ग्रामीणों पर नक्सली के नाम पर अत्याचार बंद हो. दोषी पुलिस कर्मियों व सीआरपीएफ पर कार्रवाई की जाए.नवादा, चिंगीदा, बीरबांकी, कोचांग, लेंगा, कुडुंगा, आरा, इचाहातु, सासनबेड़ा, डांगो लोबा, साकेसाली, नारंगा, बानमगाड़ा समेत दर्जनों गांव

डीएसपी से वार्ता के बाद जाम हटाया

सुखराम हांसा, राणी मानकी, दुगा सोय, मार्टिन सोय, बरतो सोय, सानिका, साहु सोय, हरसिंह मुंडू, सोमो मुंडू, कैरी मुंडू, लौरी मुंडू, बोरतो सोय, सानिका सोय, दुगा भेंगरा, जम्बी सोय, सानु सोय समेत दर्जनों महिला-पुरुष. सभी घायलों का इलाज अनुमंडल अस्पताल चक्रधरपुर में किया जा रहा है. ग्रामीणों ने इन्हें अपने स्तर से अस्पताल पहुंचाया.

पत्थलगड़ी से जुड़ा है मामला : एसपी:-पुलिस के कुत्ते ने किसी महिला को नहीं काटा है. ग्रामीण जिस महिला को कुत्ते द्वारा काटे जाने का आरोप लगा रहे हैं, उसे किसी आवारा कुत्ते ने काटा है. फोर्स ने गांव में न किसी पर लाठीचार्ज किया है और न किसी को गिरफ्तार किया है. पूरा मामला पत्थलगड़ी से जुड़ा हुआ है. फोर्स पड़ोसी जिले से सटे गांव में नक्सल अभियान के लिए गयी थी. पत्थलगड़ी से जुड़ा गांव होने के कारण ग्रामीण पुलिस के गांव में आने का विरोध भी कर रहे थे. आज मामले को दूसरा रूप देकर ग्रामीण धरना-प्रदर्शन को पहुंचे हैं. मयूर पटेल कन्हैयालाल, एसपी