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लापरवाही: नहीं की सीसीए लगाने की अनुशंसा बबलू खान आ गया जेल से बाहर

रांची : राजधानी में गैंगवार की घटना से पहले जिस अपराधी बबलू खान को हथियार के साथ गिरफ्तार कर कांके थाना की पुलिस ने 21 अगस्त को जेल भेजा था, पुलिस ने उसके खिलाफ क्राइम कंट्रोल एक्ट (सीसीए) लगाने की अनुशंसा नहीं की. इस कारण वह जेल से जमानत पर बाहर निकल आया. कांके रोड स्थित ह्वाइट हाउस की जमीन को लेकर पूर्व में स्पेशल ब्रांच के एडीजी अनुराग गुप्ता ने बबलू खान की भूमिका को लेकर रिपोर्ट सौंपी थी. उसी जमीन के आसपास बबलू खान को दो दिन पूर्व देखा गया. इस बात की जानकारी जब सीनियर पुलिस अधिकारियों को मिली, तब बबलू खान के खिलाफ थाना हाजिरी का प्रस्ताव तैयार करने का निर्णय लिया गया. थाना हाजिरी का प्रस्ताव तैयार किये जाने का निर्णय लेने और बबलू खान के 10 दिन पूर्व जमानत पर निकलने की पुष्टि कांके थाना प्रभारी राजीव रंजन सिंह ने की है.

अब थाना हाजिरी का तैयार हो रहा है प्रस्ताव पिछले साल 20 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था बबलू खान को

उल्लेखनीय है कि कांके के चंदवे निवासी बबलू खान को पुलिस ने 20 अगस्त 2017 को गिरफ्तार किया था. पुलिस ने उसके पास से एक रेगुलर कार्बाइन, एक मेड इन चाइन लिखा पिस्टल और 196 पीस गोली बरामद की थी. तब यह बात सामने आयी थी कि बिट्टू मिश्रा की प्रेमिका और सुजीत सिन्हा की पत्नी सूद में रुपये लगाने का काम करती है. सूद के रुपये को लेकर सुजीत सिन्हा और बिट्टू मिश्रा की पत्नी के बीच विवाद था. इसी बात को लेकर सुजीत सिन्हा, बिट्टू मिश्रा की हत्या करवाना चाहता था. हत्या की जिम्मेवारी बबलू खान को मिली थी. वहीं जमीन का कारोबार करनेवाले शैलेश सिंह की भी हत्या की योजना बनायी गयी थी. दोनों की हत्या के लिए बबलू खान ने हथियार मंगवाये थे. यह बात भी सामने आयी थी कि बबलू खान को चुटिया निवासी अपराधी ऋषिकेश सिंह उर्फ बाबू, राकेश उर्फ डिंपू और पंडरा निवासी आयुष उर्फ छोटू ने हथियार सप्लाई किया था.

बबलू खान के जेल में रहते डीएसपी और थानेदार ने क्यों नहीं की सीसीए की अनुशंसा

अगर पूर्व में पुलिस का यह दावा सही था कि बबलू खान ने हत्या के लिए हथियार मंगवाये थे, तब वर्तमान में बबलू खान के जमानत पर बाहर निकलने के बाद दोबारा गैंगवार की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है. एेसे में अब यह सवाल उठने लगा है कि जब सीसीए लगाने के लिए प्रस्ताव तैयार करने की जिम्मेवारी डीएसपी और थानेदार की है, तब बबलू खान के जेल में रहते क्राइम कंट्रोल के दृष्टिकोण से पुलिस ने यह कार्रवाई क्यों नहीं की. बताया जाता है कि बबलू खान के पास से बरामद गोली और रेगुलर कार्बाइन का सत्यापन भी नहीं कराया गया था. केस में बबलू खान के खिलाफ चार्जशीट करने से पहले अपराधी सुजीत सिन्हा को रिमांड पर लेकर पूछताछ तक नहीं की गयी. इस कारण पुलिस उसके खिलाफ ठोस साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत नहीं कर पायी. हालांकि मामले में कांके थाना प्रभारी का कहना है कि जांच में कार्बाइन देशी पाया गया था, इसलिए उसका सत्यापन नहीं कराया गया. केस में सुजीत सिन्हा को रिमांड पर लेने के लिए न्यायालय से अनुरोध किया गया है. साथ ही इस केस में संदीप थापा के खिलाफ भी चार्जशीट दाखिल किया जा चुका है.

बबलू खान को न्यायालय से जमानत मिली है. उसके खिलाफ सीसीए लगाने की अनुशंसा नहीं की गयी थी. जमानत पर बाहर निकलने की सूचना मिलने के बाद थाना हाजिरी का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है. अमित कच्छप, मुख्यालय डीएसपी