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झारखंड : 89 एमपीडब्ल्यू को दिया गया नियुक्ति पत्र, शीघ्र ही होगी 407 एमपीडब्ल्यू की नियुक्ति, मिलेगी

रांची :स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी ने मल्टी पर्पस वर्कर (एमपीडब्ल्यू) के शेष रिक्त 407 पदों पर जल्द नियुक्ति करने की घोषणा की है. श्री चंद्रवंशी शुक्रवार को नामकुम स्थित आइपीएच सभागार में एमपीडब्ल्यू पद पर नियुक्त 89 कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र सौंपने के बाद उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे. कार्यक्रम के बाद स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव निधि खरे ने चलंत फूड सेफ्टी लैब को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. मौके पर अभियान निदेशक कृपानंद झा, निदेशक प्रमुख डॉ सुमंत मिश्रा, आइइसी सेल इंचार्ज डॉ पुष्पा मारिया बेक और अन्य लोग उपस्थित थे.लोगों को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि देश के अधिकांश राज्यों में एमपीडब्ल्यू पद को समाप्त कर दिया गया है. झारखंड में मुख्यमंत्री के प्रयास से इन्हें पुन: बहाल किया जा रहा है. कोई भी पद छोटा नहीं होता है. आप जितना मेहनत कीजियेगा, उतना ही आगे बढ़ते जायेंगे. उन्होंने कहा कि नवनियुक्त कर्मियों को लोगों को इस बात के लिए जागरूक करना होगा कि बेटा हो या बेटी, दोनों के समान अधिकार है, इसलिए दोनों को समान शिक्षा भी दें. उन्होंने कहा

शिक्षा व स्वास्थ्य में गुणवत्तायुक्त सुधार हो : निधि खरे

स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव निधि खरे ने कहा कि एमपीडब्ल्यू के रूप में सरकार ने इन्हें दूसरी योजनाओं से जोड़ने का मौका दिया है. उन्होंने कहा कि झारखंड पिछड़े राज्य के रूप में जाना जाता था लेकिन पिछले कुछ सालों में यहां काफी तेजी से विकास हुआ है. इसलिए यह भी जरूरी है कि शिक्षा और स्वास्थ्य में गुणवत्तायुक्त सुधार किये जायें. उन्होंने नवनियुक्त कर्मियों से कहा कि आप से उम्मीद की जाती है कि आप सभी विभाग के लक्ष्य को ससमय और गुणवत्तापूर्वक तरीके से पूरा करेंगे. श्रीमति खरे ने कहा कि यह बहुत दु:ख की बात है कि झारखंड में लड़कियों की शादी 18 साल से कम उम्र में करवा दी जाती है. इसका आंकड़ा भी काफी अधिक है. इसलिए इन लड़कियों और उनके परिजनों को जागरूक करना होगा. उन्होंने बताया कि कुछ लड़कियां जागरूक हो रही हैं, जिन्हें मुख्यमंत्री ने पुरस्कृत भी किया है. निधि खरे ने कहा कि टोटल फर्टलिटी रेट कम करने के लिए यह जरूरी होगा कि लड़कियों की शादी 18 साल के बाद की जाये. इस संबंध में जागरूकता लाने के लिए एमपीडब्ल्यू मुख्य भूमिका निभा सकते हैं.

जिम्मेवारी से काम करें

अभियान निदेशक कृपानंद झा ने नवनियुक्त कर्मियों को बधाई देते हुए कहा कि सभी एमपीडब्ल्यू एचएससी लेवल तक काम करेंगे और उन्हें जिम्मेवारी के साथ सभी काम करने होंगे. उन्होंने बताया कि झारखंड में एमपीडब्ल्यू के कुल 2150 स्वीकृत पद हैं, जिसमें से 2016 तक 1720 लोगों को नियुक्त किया गया था. वर्तमान में इस पद पर 1654 लोग काम कर रहे हैं. डीआइसी डॉ सुमंत मिश्रा ने भी नवनियुक्त कर्मचारियों से ईमानदारी से काम करने की बात कही.

प्रधान सचिव ने की प्रोग्राम इंप्लिमेंटेशन प्लान 2018-19 की समीक्षा

बाद में स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव निधि खरे की अध्यक्षता में प्रोग्राम इंप्लिमेंटेशन प्लान (पीआइपी) 2018–19 की समीक्षा की गयी, जिसमें अभियान निदेशक, डीआइसी और अन्य पदाधिकारी शामिल हुए. प्रधान सचिव ने पीआइपी को अंतिम रूप देकर जल्द से जल्द स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार को भेजने का निर्देश दिया.

प्रधान सचिव ने की प्रोग्राम इंप्लिमेंटेशन प्लान 2018-19 की समीक्षा