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सामाजिक कुरीतियों को भी मिटायें

खूंटी :नगर भवन में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर महिला स्वच्छता चैंपियन के सम्मान समारोह में डीसी सूरज कुमार ने कहा कि खूंटी की महिलाएं विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ रही हैं. चाहे वह सामाजिक क्षेत्र हो या आर्थिक. उन्होंने महिलाओं से सामाजिक कुरीतियों व अंधविश्वासों को दूर करने का आह्वान किया. महिलाओं के हित में बने कानूनों की भी जानकारी दी. डीसी ने महिलाअों से शौचालय का उपयोग करने व दूसरों को भी इसके उपयोग के लिए प्रेरित करने की बात कही. मौके पर शौचालय निर्माण व गांव, पंचायत व प्रखंड को खुले में शौच से मुक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले जल सहिया, मुखिया, स्वयं सहायता समूह को पुरस्कृृत किया गया.

उपायुक्त ने कहा कि आप जिले के लिए रिसोर्स पर्सन हैं. अपनी सफलता की कहानी दूसरों को बतायें व उन्हें भी प्रेरित करें. यह प्रथम पड़ाव है. पुरुषों को नशे से दूर रखने के लिए नशा मुक्ति का अभियान भी चलायें. डीडीसी चंद्रकिशोर मंडल ने भी महिलाओं को महिला दिवस पर शुभकामनाएं दी. एसडीअो प्रणव कुमार पाल ने कहा कि समाज के विकास के लिए महिलाअों का शिक्षित होना जरूरी है. कार्यक्रम में नगर पंचायत उपाध्यक्ष मदन मोहन मिश्र, कार्यपालक अभियंता पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल आनंद सिंह, कार्यपालक पदाधिकारी नगर पंचायत मेघना रूबी कच्छप उपस्थित थे. तोरपा : अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर कोयलकारो महिला संघ द्वारा तपकारा में रैली निकाली गयी तथा सभा का आयोजन किया गया. रैली तपकारा शहीद स्थल से निकली व बेहराटोली बगीचा पहुंच कर सभा में बदल गयी. सभा में मुख्य अतिथि राज्य महिला आयोग की पूर्व सदस्य वासवी किड़ो ने कहा कि लंबे संघर्ष के बाद अलग राज्य का निर्माण हुआ, लेकिन आदिवासी महिलाओं के मुद्दे आज भी गायब हैं. उन्होंने कहा कि महिलाअों की भागीदारी के बिना विकास की कल्पना नहीं की जा सकती है.

पलायन गंभीर समस्या बन चुकी है. इसे रोकने के लिए महिलाओं को पहल करने व संकल्प लेने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि दिल्ली में झारखंड की करीब पांच लाख लड़कियां काम करती हैं, जिनका शारीरिक व मानसिक शोषण होता है. इस संबंध में कठोर कानून बनाने की जरूरत है. सभा को पड़हा राजा हाबिल गुड़िया, रेड़ा मुंडा, रेजन गुड़िया, विजय गुड़िया, अरुण कुमार, ए बरजो ने भी संबोधित किया. संचालन मंजू भेंगरा तथा सुमन मुंडाइन ने किया. मौके पर मानिका बरला, राहिल गुड़िया, आशा भेंगरा, सावित्री गुड़िया, मंजू गुड़िया, बहामुनी गुड़िया, अशीषन गुड़िया आदि उपस्थित थे.