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कोडरमा : अवैध खनन देख भड़की एनजीटी की टीम, अधिकारियों को लगायी फटकार

कोडरमा :जिले के विभिन्न इलाकों में लंबे समय से चल रहे अवैध खनन व इससे पर्यावरण पर पड़ रहे दुष्प्रभाव की जांच को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रीब्यूनल (एनजीटी)की टीम ने बुधवार को कोडरमा पहुंच कर गहन जांच अभियान चलाया.

टीम का नेतृत्व सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड पश्चिम बंगाल की क्षेत्रीय निदेशक डा. रीता साहा कर रही हैं. उनके साथ टीम में बोर्ड एनलाइसिस राघवेंद्र नारायण कश्यप, प्रो. सतीश सिन्हा के अलावा पर्यावरण मंत्रालय वन व जलवायु परिवर्तन, झारखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नेशनल इंस्टीट्यूट आफ माइंस धनबाद के वरिष्ठ वैज्ञानिक भी शामिल हैं. हजारीबाग व कोडरमा में अवैध खनन की जांच को लेहजारीबाग व कोडरमा में अवैध खनन की जांच को लेकर टीम ने दो दिनों तक हजारीबाग के विभिन्न इलाकों का जायजा लिया. अवैध खनन को देख एनजीटी की टीम ने वन विभाग के पदाधिकारी के साथ ही एसडीओ, एडीएमओ को कड़ी फटकार लगाई. लोकाई में आसपास बने अवैध खदानों व वहां की स्थिति को देखते ही डा. रीता साहा ने कहा, आप लोगों के नजर के सामने इतने बड़े पैमाने पर अवैध खनन किया जा रहा है और आप चुप हैं. ऐसा लगता है इसमें आपका सपोर्ट है. इसे अविलंब बंद कराएं. इस पर रेंजर व एसडीओ ने कहा कि कई बार अवैध खनन रोकने को लेकर कार्रवाई हुई है, पर बड़ी कार्रवाई से पहले हजारों लोग विरोध में आ जाते हैं. इससे पहले टीम के यहां पहुंचने पर पूरा सन्नाटा नजर आया. अवै

* इतना सुंदर पहाड़ को भयावह कर दिया, कभी लीगल माइंस नहीं हो सकता यहां

लोकाई के बाद जांच टीम डोमचांच के चंचाल पहाड़ के पास पहुंची. यहां गत वर्ष पत्थर के खनन से पहाड़ का अस्तीत्व खतरे में होने की बात सामने आई थी. टीम के पदाधिकारी ने यहां एडीएमओ से कहा यहां कैसे खदान का लीज दिया गया. एडीएमओ ने बताया कि लीज देने के लिए दिया व डीसी के नेतृत्व में कमेटी जांच के बाद निर्णय देती है. इस पर जांच पदाधिकारी ने फटकार लगाते हुए कहा कि ऐसे आप पहाड़ को नहीं काट सकते. इतना सुंदर पहाड़ होगा, पर अब स्थिति भयावह कर दी है.

* झोले मे मिला ब्लू स्टोन, साइकिल सवार फरार

एनजीटी की टीम जब जांच के लिए लोकाई स्थित ब्लू स्टोन के खनन स्थल पर पहुंची तो कोई नजर नहीं आया, पर इसी बीच रास्ते में एक साइकिल सवार दिखने पर उसे रोका गया. रोकते ही साइकिल सवार साइकिल छोड़ फरार हो गया. बाद में देखा गया तो एक झोले में ब्लू स्टोन मिला. इस पर जांच टीम ने संबंधित पदाधिकारी को एफआईआर का आदेश दिया.

* झोले मे मिला ब्लू स्टोन, साइकिल सवार फरार

एनजीटी के पास दर्ज कराए गए मामले में कोडरमा जिले के जेरूआडीह, नावाडीह, ढाब, चंदवारा, जयनगर, भतरी, झांवातरी, लोहाबर, शेरसिंघा, डगरनवां, डोमचांच आदि का जिक्र है. वर्ष 2015 में एनजीटी के समक्ष मामला दायर करने वाले अधिवक्ता सत्यप्रकाश का आरोप है कि कई जगहों पर वन क्षेत्र खासकर वन्य प्राणी आश्रयाणी क्षेत्र में धड़ल्ले से अवैध खनन चल रहा है. इसके अलावा लीज एरिया से अधिक खनन करने, लैंड फीलिंग नहीं होने, पत्थर तोड़ने के लिए विस्फोटक के इस्तेमाल व उसके लाइसेंस प्रक्रिया पर भी सवाल उठाया गया है. यही नहीं अवैध खनन से पहाड़ों का अस्तीत्व तो मिटा ही वनों व वन्य प्राणियों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई. आलम यह है कि घनी आबादी के पास के क्षेत्र में खनन का कार्य संचालित हो रहा है.