Yo Diary

जेल में ही मनेगी लालू की होली, गाएंगे फाग; जानिए-जज से क्या कहा राजद सुप्रीमो ने

जागरण संवाददाता, रांची।दुमका कोषागार से अवैध निकासी से संबंधित चारा घोटाला मामले में बुधवार को सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश शिवपाल सिंह की अदालत में सुनवाई हुई। इस मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री व राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव सहित अन्य आरोपी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पेश हुए। अदालत में लीगल प्वाइंट पर बहस हुई। लालू यादव ने खुद कोर्ट के समक्ष अपना पक्ष रखा।लालू ने न्यायाधीश से पूछा, हुजूर कब तक जजमेंट दीजिएगा? कृपया जल्दी जजमेंट दिया जाए। इस बार थोड़ा बढ़िया से लिखेगा हुजूर। होली तो जेल में बीतेगा। सुनवाई खत्म होने के दौरान लालू ने कहा कि हुजूर होलिका के साथ आपके दुश्मनों का नाश हो जाए। लालू ने यह भी कहा कि तत्कालीन एजी टीएन चतुर्वेदी को भी इस मामले में आरोपी बनाया जाए। कोर्ट ने पूछा वो अभी जीवित हैं या नहीं। इस पर लालू ने कहा कि मुझे फंसाने के इनाम में भाजपा वालों ने उन्हें राज्यसभा भेजा है।

जेल में फाग गाएंगे लालू

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की कुर्ता फाड़ होली मशहूर रही है। लालू फाग, चैता के शौकीन हैं। चारा घोटाला मामले में सजायाफ्ता होने के कारण लालू बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में बंद हैं। इस बार वे जेल में ही होली मनाएंगे और फाग गाएंगे।

जेल में ही मनेगी लालू की होली, जमानत याचिका खारिज

अपने घर में होली मनाने की हसरत पाले राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद को हाई कोर्ट ने तगड़ा झटका दिया था। चारा घोटाले में देवघर कोषागार से अवैध निकासी के मामले में उनकी जमानत याचिका को अदालत ने शुक्रवार को खारिज कर दिया था। जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की अदालत ने कहा कि केस की मेरिट पर विचार किए बिना जमानत पर निर्णय लेना उचित नहीं होगा। प्रार्थी ने इस मामले में आधी सजा भी नहीं काटी है। इस कारण भी उन्हें जमानत नहीं दी जा सकती। गौरतलब है कि लालू पटना में धूम- धाम से होली मनाते रहे हैं।

कार्यकर्ताओं के साथ उनकी कुर्ता फाड़ होली देश भर में चर्चा में रहती है। इस पर्व के कारण उन्होंने पिछले दिनों सीबीआइ कोर्ट में जल्द सुनवाई के लिए जज से गुहार भी लगाई थी। कहा था, हुजूर मामला जल्दी निपटाइये। होली सिर पर है, घर पर होली मनाना चाहते हैं। हाई कोर्ट से जमानत खारिज होने के बाद यह तय है कि लालू की होली रांची में जेल की सलाखों के पीछे ही मनेगी। सुनवाई के दौरान लालू के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि लालू की उम्र करीब 70 साल है। उन्हें शुगर और दिल की बीमारी है। सुनवाई के दौरान वह कोर्ट को सहयोग करते रहे हैं। उनके खिलाफ जो आरोप लगे हैं वे सही नहीं है। प्रार्थी ने जमानत देने का आग्रह किया। वहीं, सीबीआइ की ओर से अधिवक्ता राजीव सिन्हा ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि लालू प्रसाद उस दौरान मुख्यमंत्री के साथ-साथ वित्त मंत्री भी थे। सीएजी और पीएसी (लोक लेखा समिति) ने भी इस पर रिपोर्ट दी थी, जिसे लालू ने देखा था। इसके बावजूद घोटाले की जानकारी नहीं होने की बात सही नहीं है। लालू पर लगे आरोपों से संबंधित दस्तावेज भी उपलब्ध हैं। बता दें कि लालू ने याचिका दायर कर सीबीआइ के विशेष कोर्ट के फैस

चाईबासा मामले में सुनवाई नौ कोचारा घोटाले में चाईबासा कोषागार से अवैध निकासी के मामले में लालू की जमानत पर हाई कोर्ट में नौ मार्च को सुनवाई होगी। लालू ने इस मामले में भी सीबीआइ कोर्ट से मिली सजा के खिलाफ अपील करते हुए जमानत देने का आग्रह किया है। शुक्रवार को यह मामला भी सुनवाई के लिए सूचीबद्ध था, लेकिन समयाभाव के कारण सुनवाई नहीं हो सकी।