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मोमेंटम झारखंड में कोरियाई कंपनी के लिए चिह्नित जमीन पर पत्थलगड़ी

संजय साहू, तुपुदाना (रांची)।पत्थलगड़ी करने वाले पुलिस-प्रशासन और सरकार पर किस हद तक भारी पड़ रहे हैं, इसका ज्वलंत उदाहरण पुलिस मुख्यालय से मात्र आठ किलोमीटर दूर के गांव में देखा जा सकता है। ग्रामसभा की आड़ में कुछ लोगों ने मोमेंटम झारखंड के दौरान कोरियाई कंपनी के लिए चिह्नित 210 एकड़ जमीन पर पत्थलगड़ी कर कब्जा कर लिया। पुलिस-प्रशासन बेबस बना देखता रहा और सरकार मूकदर्शक रही। ऑटोमोबाइल पार्क बनाने की इच्छुक कोरियाई कंपनी ने जब यह हाल देखा तो प्रोजेक्ट से ही पीछे हट गई। इस दौरान सरकार ने जमीन को समतल भी करा लिया था, जिस पर अब कथित रूप से ग्रामसभा का कब्जा है।मामला तुपुदाना ओपी क्षेत्र के नामकुम प्रखंड के सोड़हा गांव का है।

यहां मोमेंटम झारखंड के दौरान पार्क बनाने के लिए दक्षिण कोरिया के प्रतिनिधियों को 210 एकड़ जमीन दिखाई गई थी। पहाड़ व जंगल के बीच सड़क के किनारे स्थित इस जमीन को कोरियाई दल ने काफी पसंद किया था। यहां जल्द से जल्द ऑटोमोबाइल पार्क बनाकर काम शुरू करने में दिलचस्पी दिखाई थी। लेकिन मार्च 2017 में यहां ग्राम सभा ने पत्थलगड़ी कर इस जमीन पर कब्जा जमा लिया और यहां बाहरी लोगों का प्रवेश वर्जित कर दिया। इस दौरान कोरियाई प्रतिनिधि मंडल ने तीन बार जमीन का मौका मुआयना किया। लेकिन स्थानीय ग्रामीणों का उग्र रुख और पुलिस-प्रशासन की कमजोरी देख प्रोजेक्ट से पीछे हटने में ही अपनी भलाई समझी।

कोरियाई कंपनी को पसंद थी जमीन

कोरियाई कंपनी के प्रतिनिधियों ने जमीन देखने के बाद उसे अपने प्रोजेक्ट के लिए हरी झंडी दिखा दी। तब सरकार ने यहां युद्धस्तर पर काम शुरू कराया था। जमीन की मापी कराकर जेसीबी मशीनें लगाकर जमीन का समतलीकरण कराया गया। जैसे ही यहां पीलर खड़े किए जाने की बारी आई कुछ ग्रामीणों ने वहां काम कर रहे लोगों को भगा दिया और पत्थलगड़ी कर दी। अब वहां काम पूरी तरह से ठप है। सरकार ने भी इस प्रोजेक्ट को ठंडे बस्ते में डाल दिया है।

विशेष शाखा ने पहले ही किया था आगाह

विशेष शाखा ने बीते वर्ष अगस्त माह के पहले सप्ताह में यहां देशविरोधी ताकतों के सक्रिय होने की जानकारी सरकार को दी थी। इसके बाद यहां स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्र ध्वज फहराने में भी बाधा उत्पन्न की गई थी। बाद में प्रशासन के हस्तक्षेप पर यहां के सरकारी प्राइमरी स्कूल में झंडारोहण तो हुआ लेकिन गांव का एक भी सदस्य इसमें शामिल नहीं हुआ था।

विशेष शाखा ने पहले ही किया था आगाह