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दिव्यांग बच्ची को दो युवकों ने बनाया हवस का शिकार, ग्रामीणों ने पीटा

जागरण संवाददाता, चाईबासा।झींकपानी क्षेत्र में इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना घटी। यहां दो वहशी दरिंदों ने नाबालिग दिव्यांग बच्ची को अपनी हवस का शिकार बनाया। ग्रामीणों ने जब एक आरोपी को पकड़ा तो मामले का खुलासा हुआ। जिसके बाद लोगों ने दोनों आरोपियों की जमकर पिटाई करते हुए हाथ-पैर बांध दिया और सिर मुंडवा दिया। रविवार को सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों युवकों को ग्रामीणों के कब्जे से छुड़ाया और पीड़िता के पिता के बयान पर गिरफ्तार कर सोमवार को उन्हें जेल भेज दिया।

जानकारी के अनुसार, झींकपानी थाना क्षेत्र में 24 फरवरी की रात नयागांव में माघे पर्व मनाया जा रहा था। गांव में नाचने-गाने के साथ खाने-पीने का दौर चल रहा था। गांव के सभी लोग अपने-अपने घरों में खाने-पीने के साथ-साथ नाचने गाने में मशगूल थे। पर्व में शामिल होने के लिए टोंटो थाना क्षेत्र के सालीकुटी गांव का निवासी चुंबरू लागुरी उर्फ कुशनू अपने दोस्त प्रधान हेस्सा के यहां पर्व मनाने पहुंचा हुआ था। शाम करीब सात बजे चुंबरू लागुरी और प्रधान हेस्सा बच्ची के घर पहुंचे। उस समय बच्ची अपने घर में अकेली थी और उसकी मां पानी लाने के लिए नलकूप गई थी। बच्ची बोलने व सुनने में सक्षम नहीं थी। बच्ची को अकेली पाकर दोनों आरोपी गांव से दूरी पर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म कर रहे थे। तभी ग्रामीणों ने उन्हें देख लिया और आरोपियों को पकड़ लिया।

हाथी भगाने के चक्कर में पकड़ाए

माघे पर्व के अवसर पर गांव में खान-पान व नाच गान का दौर चल रहा था। शाम करीब सात बजे ग्रामीणों को सूचना मिली कि हाथी गांव में प्रवेश कर गए हैं। हाथियों को खदेड़ने के लिए गांव के युवक टॉर्च लेकर इधर-उधर देखने लगे। इसी क्रम में पीड़िता के चाचा और एक अन्य युवक टॉर्च लेकर हाथियों को भगाने के लिए गांव के किनारे जा रहे थे। तभी झाड़ी के अंदर कुछ लोग दिखाई दिए। आवाज देकर दोनों लोग उस झाड़ी के पास पहुंचे। तो वहां दिव्यांग बच्ची के साथ जबरन दुष्कर्म करते हुए प्रधान हेस्सा को को देखा। ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया। इसके बाद उसने बताया कि दूसरे युवक चुंबरू लुगरी ने भी बच्ची के साथ दुष्कर्म किया था। ग्रामीणों ने दोनों की जमकर पिटाई करते हुए बंधक बना लिया। बाद में पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।