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झारखंड : जानिए अब तक कितने स्कूलों ने किताबों की सूची वेबसाइट पर डाली

रांची :दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडलीय आयुक्त ने सारे निजी स्कूल प्रबंधनों को स्पष्ट तौर पर कहा था कि नये सत्र के नामांकन के समय या सत्र प्रारंभ होने से पूर्व किताबों की सूची वेबसाइट पर डाल दी जाये. डेढ़ माह बीत जाने के बाद भी इस आदेश का पालन नहीं होता दिख रहा है. प्रशासन के पास रांची जिले में लगभग 70 स्कूलों की सूची है. इनमें से मात्र नौ निजी स्कूलों ने ही किताबों की सूची अपनी वेबसाइट पर डाली है.

इनमें से कई सूची आधी-अधूरी है. जिन स्कूलों ने वेबसाइट पर किताबों की सूची डाली है, उनमें कुछ स्कूल केवल एनसीइआरटी की पुस्तकों की सूची डाली है. वहीं, कुछ स्कूल केवल नर्सरी व केजी कक्षा की पुस्तकों को अपनी वेबसाइट पर अपलोड किया है. इस संबंध में कार्यपालक दंडाधिकारी रविशंकर ने बताया कि प्रशासन को भी जानकारी मिल चुकी है. छह फरवरी के बाद स्कूल द्वारा भेजी गयी सूची की समीक्षा की जायेगी.

क्या कहा गया था आदेश में: निजी स्कूलों को किताबों की सूची नये सत्र के नामांकन के समय या सत्र प्रारंभ होने से पूर्व देनी थी. इसके लिए 31 जनवरी तक का समय निर्धारित किया गया था. आदेश में यह भी उल्लेख था कि एक बार सूची जारी होने के बाद जब तक कोई विशेष कारण न हो, वो सूची तीन वर्षों तक के लिए मान्य होगी. प्रमंडलीय आयुक्त दिनेश चंद्र मिश्र ने आदेश में कहा था कि स्कूल से ही बच्चों को पाठ्य पुस्तकें खरीदने के लिए बेवजह दबाव डाला जाता है. साथ ही प्रत्येक साल ग्रामर की किताबें, डिक्सनरी व एटलस आदि खरीदने के लिए कहा जाता है. पाठ्य पुस्तकों में एक-दो अध्याय जोड़ कर नये प्रकाशन की पुस्तकें खरीदने के लिए सूची उपलब्ध करायी जाती है.

पुस्तकें अनावश्यक तौर पर न बदली जाये : आयुक्त ने कहा था कि अनावश्यक रूप से कुछेक अध्याय जोड़ कर पुस्तकों को बदला न जाये. एक पाठ्य पुस्तक कम से कम तीन वर्ष तक मान्य रहे, एेसी व्यवस्था करें. काफी जरूरत हो, तभी पुस्तकें बदली जायें.

फिरायालाल पब्लिक स्कूल, डीएवी श्यामली, मनन विद्या, लेडी केसी राय रातू, सुरेंद्रनाथ स्कूल, डीएवी नंदराज पीएनटी कॉलोनी, डब्ल्यूजेएच जॉन पब्लिक स्कूल नगड़ी, केराली स्कूल, डीपीएस व संत फ्रांसिस हरमू.

डाली गयी सूची भी अधूरी:-प्रशासन के पास रांची जिले के 64 स्कूलों की है सूची 31 जनवरी तक किताबों की सूची डालने का दिया गया था निर्देश छह फरवरी के बाद पुन: होगी समीक्षा