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50 करोड़ वर्कर्स के लिए सामाजिक सुरक्षा स्कीम का प्रस्ताव

नर्इ दिल्ली. श्रम मंत्रालय ने व्यापक सामाजिक सुरक्षा स्कीम का प्रस्ताव किया है. इसके जरिये देश के 50 करोड़ वर्कर्स को रिटायरमेंट, हेल्थ, मैटरनिटी इत्यादि बेनिफिट दिए जाएंगे. बजट में सरकार ने नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम का एलान किया था. इसके महीने भर बाद ही सोशल सिक्योरिटी स्कीम का प्रस्ताव आया है

सामाजिक सुरक्षा स्कीम को दस साल में तीन चरणों के तहत अमलीजामा पहनाने की योजना है. इसके बाद इसे पूरे देश में लागू किया जाएगा. इसके लिए 50 करोड़ वर्कर्स को चार स्तरों में बांटा जाएगा. इसमें गरीबी रेखा के नीचे रहने वालों के लिए सरकार पूरी लागत का बोझ खुद उठाएगी.

सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने र्इटी को बताया कि स्कीम के पहले चरण पर करीब 18,500 करोड़ रुपये का खर्च आएगा. इस चरण में स्वास्थ्य, सुरक्षा और रिटायरमेंट बेनिफिट सहित न्यूनतम आवश्यकताओं पर फोकस होगा. दूसरे चरण में अनएम्प्लॉयमेंट बेनिफिट जोड़े जाएंगे. तीसरे चरण में अन्य कल्याणकारी उपाय किए जा सकते हैं.

बीते साल अक्टूबर में र्इटी ने पहली बार बताया था कि सरकार कामगारों को यूनिवर्सल सोशल सिक्योरिटी कवर देने के लिए काम कर रही है. अधिकारी ने बताया कि स्कीम के लिए फंडिंग का एक हिस्सा बिल्डिंग व कंस्ट्रक्शन वर्कर सेस से आएगा. बाकी की रकम उन स्कीम से आएगी जिनके लिए नेशनल स्टैबलाइजेशन फंड के जरिये आवंटन किया जाता है.

इस स्कीम के नियंत्रण और निगरानी का जिम्मा नेशनल सोशल सिक्योरिटी काउंसिल के पास होगा. वित्त मंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ इसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री करेंगे. श्रम मंत्रालय ने सोशल सिक्योरिटी पर लेबर कोड के दूसरे मसौदे पर हितधारकों से 30 अप्रैल तक टिप्पणियां मांगी हैं. इसके बाद मसौदा कोड को अंतिम रूप देकर कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा.