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#RANCHI 'निवेश कुंभ' में बोले चेतन भगत, इंवेस्‍टमेंट से बढ़ती है रिस्‍क लेने की क्षमता

रांची : नारनोलिया ग्रुप ऑफ कंपनीज की ओर से राजधानी में आयोजित निवेश कुंभ में लोगों को निवेश के बारे में बताया गया. मौके पर बैंकर से लेखक बने चेतन भगत ने कहा कि निवेश से जीवन में रिस्‍क लेने की क्षमता बढ़ती है और व्‍यक्ति अपनी इच्‍छा के अनुसार अपना करियर चुन सकता है. उन्‍होंने अपने जीवन का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले मैं बैंक में एक अच्‍छी नौकरी करता था. मैंने समय रहते निवेश किया था इसी वजह से मैं अपना कार्य क्षेत्र बदल पाया.

चेतन भगत ने कहा कि पहले बैंकर के रूप में मैंने उतनी सफलता हासिल नहीं की, जितनी एक लेखक बनकर मुझे मिली. लेकिन इसके लिए खुद को तैयार करने में निवेश का बड़ा योगदान रहा. मैंने समय रहते निवेश किया और आर्थिक रूप से सक्षम बना कि मैं अब दूसरे क्षेत्र में किस्मत आजमा सकता हूं. युवा, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में उन्‍होंने युवाओं से अपनी इच्‍छा के अनुसार करियर चुनने की बात की.

उन्‍होंने कहा कि जिस प्रकार घर की अर्थव्‍यवस्‍था महिलाओं पर टिकी होती है, उसी प्रकार अगर महिलाओं को निवेश के बारे में भी ढंग से समझाया जाए तो वे इसमें भी सफल होंगी. आज कई महिलाएं उदाहरण हैं, जिन्‍होंने मुश्किल घड़ी में अपने परिवार की आर्थिक संकट को दूर किया. चेतन ने युवाओं को सलाह दी कि करियर के साथ-साथ समय रहते निवेश के बारे में भी सोचें. आज के समय में निवेश के लिए बड़ी पूंजी की आवश्‍यकता नहीं है. छोटी-छोटी बचत भी हमें अच्‍छा लाभ दे सकती है.

अपने बारे में बताते हुए उन्‍होंने कहा कि अगर मेरे बारे में किसी भी साहित्‍यकार से पूछा जाए कि मैं बेस्‍ट लेखक हूं या नहीं. तो जवाब यही आयेगा कि मैं बेस्‍ट लेखक नहीं हूं. मैं भी इस बात को मानता हूं, मैं बेस्‍ट लेखक नहीं हूं, लेकिन मैं बेस्‍ट सेलर हूं. उन्‍होंने कहा कि निवेश में भी यही फार्मूला काम करता है. बेहतर परिणाम वाले निवेश माध्‍यमों पर फोकस करें. सैकड़ों की संख्‍या में युवा चेतन भगत को काफी तन्मयता से सुन रहे थे.

राज्‍य महिला आयोग की पूर्व अध्‍यक्ष सामाजिक कार्यकर्ता महुआ माजी ने ग्रामीण महिलाओं के Financial Literacy पर जोर दिया. उन्‍होंने कहा कि ग्रामीण महिलाएं छोटी-छोटी बचत तो कर लेती है, लेकिन उसका सही उपयोग नहीं कर पाती हैं. ऐसे में अगर उन्‍हें Financial Literacy मिलेगी तो वे भी निवेश कर अपनी बचत को बढ़ा सकती हैं. उन्‍होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण की बात तो होती है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है. महुआ माजी ने कहा कि झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में कई बार ऐसी घटनाएं देखने को मिली है, जिसमें चिट फंड कंपनियां ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर महिलाओं से धन एेंठने का काम किया है. अगर महिलाओं को निवेश की जानकारी सही ढंग से दी जाए तो वे इन चिट फंड कंपनियों के झांसे में नहीं आयेंगी. उन्‍होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाली स्‍वयं सहायता समूह के पैसों को भी कई बार चिट फंड कंपनियां हड़प चुकी है. उन्‍होंने कहा कि 1 रुपया बचाना, 1 रुपया कमाने के बराबर है. बचत की प्रवृत्ति भविष्‍य में होने वाले आर्थिक संकट की संभावना को कम करता है. एक रिक्‍शा वाला भी इतना कमा लेता है कि कुछ पैसे बचा सके. ल

युवाओं और महिलाओं के लिए निवेश बेहद जरुरी : कृष्‍णा एन नारनोलिया:- नारनोलिया के सीईओ कृष्‍णा एन नारनोलिया ने कहा कि आज के दौर के युवाओं और महिलाओं के लिए निवेश बेहद जरूरी है. उन्‍होंने कहा कि घर का पुरुष एक निश्चित समय ऑफिस में काम करता है, लेकिन घर की महिलाएं उससे कही अधिक घंटे काम करती है. उसके एवज में उन्‍हें कोई वेतन नहीं मिलता. इसी को ध्‍यान में रखते हुए अगर कमाऊ पुरुष घर की महिलाओं को कुछ आंशिक वेतन दे तो वे उसका निवेश कर अच्‍छा लाभ कमा सकती हैं. उन्‍होंने कहा कि निवेश के लिए कोई उम्र सीमा नहीं है. युवाओं के लिए निवेश इसलिए भी आवश्‍यक है कि आज के दौर के नौकरी पेशा युवा जब रिटायर करेंगे तो उनके लिए कोई सरकार नहीं होगी. उनका निवेश ही उनके रिटायरमेंट को सुखद बनायेगा. उन्‍होंने कहा कि हमारे देश का जीडीपी बढ़ रहा है. वैश्विक जीडीपी की तुलना में हम काफी आगे हैं, लेकिन म्‍यूचुअल फंड निवेश में हम विदेशियों से काफी पीछे हैं. उन्‍होंने कहा कि वर्ष 2045-50 तक चीन और भारत दुनिया का सबसे बड़ा जीडीपी वाला देश होगा. उन्‍होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि आज ऊर्जावान युवा एसआईपी के अ