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1947 में 1 डॉलर के बराबर था 1 रुपया? जानें इस दावे का सच

मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब विपक्ष में थे, तब उन्होंने एक ट्वीट किया था. उन्होंने इस ट्वीट में दावा किया कि आजादी के समय पर यानी 15 अगस्त, 1947 को 1 रुपया 1 डॉलर के बराबर था. जुलाई, 2013 में भाजपा नेता के तौर पर पीएम नरेंद्र मोदी ने यह ट्वीट किया था. एक बार फिर रुपये में गिरावट का दौर शुरू हो गया है. आज रुपया फिर डॉलर के मुकाबले 69 रुपये के स्तर पर पहुंच गया है. ऐसे में एक बार‍ फिर 1 रुपया 1 डॉलर के बराबर के दावे की चर्चा होने लगी है. लेकिन क्या सच में ऐसा था?

पहले तो इस दावे की पुष्ट‍ि करने के लिए कोई डाटा मौजूद नहीं है. दूसरी बात यह है कि आजादी से लेकर 1966 तक भारतीय रुपये की वैल्यू डॉलर नहीं, बल्क‍ि ब्रिट‍िश पाउंड के मुकाबले आंकी जाती थी. सेंटर फॉर सिव‍िल सोसायटी की तरफ से रुपये के डिवैल्यूवेशन (मुद्रा की वैल्यू कम करना) पर एक पेपर तैयार किया है. इस पेपर के मुताबिक ब्रिटिश करंसी 1949 में डिवैल्यूड की गई थी. इसके बाद 1966 में भारतीय मुद्रा यानी रुपया की वैल्यू यूएस डॉलर के मुकाबले आंकी जाने लगी. इस दौरान ड‍िवैल्यूवेशन के बाद रुपया 1 डॉलर के मुकाबले 7.50 रुपये के स्तर पर पहुंच गया था.

1947 में 1 रुपया एक डॉलर के बराबर था. इस दावे पर इसलिए भी विश्वास करना संभव नहीं है क्योंकि 1947 में जब भारत आजाद हुआ, तो उसने दूसरे देशों से कोई कर्ज नहीं लिया था. ट्रेड भी ना के बराबर था. ऐसे में ये सभंव ही नहीं है कि 1 रुपये 1 डॉलर के बराबर रहा हो.

तीसरी बात, जो इस दावे को झूठा साबित करती है. वह यह है कि 1947 में भारत की वृद्ध‍ि दर 0.8 फीसदी थी. ऐसे में भारतीय रुपये को डॉलर के बराबर रख पाना संभव ही नहीं होता.

ये कुछ ऐसे तथ्य हैं, जो इस दावे के फर्जी होने का सबूत पेश करते हैं. हालांकि फिलहाल नजर इस पर बना कर रखी जानी चाहिए कि रुपया डॉलर के मुकाबले कब तक संभलता है. (सभी फोटो प्रतीकात्मक)