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नकदी संकट से जूझ रहे अनिल अंबानी को जूनियर अंबानी का सहारा, ऐसे जुटाए 1700 करोड़

नई दिल्लीकुछ साल पहले ही बिजनेस में कदम रखने वाले अनमोल अंबानी ने पिता अनिल अंबानी की बड़ी मदद की है. अनिल अंबानी के बड़े बेटे अनमोल ने पिता के लिए ऐसे समय में बड़ी रकम का इंतजाम किया है जब उन्हें पैसों की सख्त जरूरत है. रिलायंस कैपिटल के डायरेक्टर अनमोल अंबानी ने अपनी पहली डील फाइनल कर दी है. जूनियर अंबानी ने रिलायंस ग्रुप की कोडमास्टर्स में 60 प्रतिशत हिस्सेदारी को 1700 करोड़ रुपये में बेच दिया है. आपको बता दें कि कोडमास्टर्स एक ब्रिटिश गेम डेवलपिंग कंपनी है.

100 करोड़ में खरीदी थी हिस्सेदारी

अनिल अंबानी की कंपनी ने साल 2009 में कोडमास्टर्स में 90 फीसदी हिस्सेदारी 100 करोड़ रुपये में खरीदी थी. अब अनमोल ने हिस्सेदारी को 25 गुना रिटर्न लेकर बेचा है. कोडमास्टर्स लंदन स्टोक एक्सचेंज (LSE) में लिस्टेड कंपनी है. टाइम्स ऑफ इंडिया में प्रकाशित खबर के अनुसार 1700 करोड़ में हिस्सेदारी बेचने के बाद अब रिलायंस की कंपनी में 30 प्रतिशत शेयर बचे हैं, जिनकी वैल्यू 850 करोड़ रुपये है.

रिलायंस ने मानी डील की बात

रिलायंस ग्रुप के प्रवक्ता ने इस डील की बात को स्वीकार किया. लेकिन वित्तीय लेनदेन की जानकारी देने से इनकार कर दिया. कोडमास्टर्स मैनेजमेंट के सीईओ फ्रैंक सैगनीर के पास कंपनी के 10 फीसदी शेयर हैं. तीन दशक से भी ज्यादा पुरानी कोडमास्टर्स को 1986 में शुरू किया गया था. कंपनी की चार शाखाएं हैं, जिनमें से तीन ब्रिटेन और चौथी मलेशिया के कुआलालंपुर में है. चारों शाखाओं में करीब 500 लोग काम करते हैं.

दो साल में दोगुना हुआ रेवेन्यू

साल 2016 से 2018 तक कोडमास्टर्स का रेवेन्यू दो गुना हो चुका है. दो सालों में कंपनी का रेवेन्यू 31 मिलियन से बढ़कर 64 मिलियन पर पहुंच गया है. इसके अलावा रिलायंस ग्रुप ने हॉलीवुड मूवी स्टूडियो ड्रीमवर्क्स में भी निवेश किया हुआ है. 26 वर्षीय अनमोल ने वारविक बिजनेस स्कूल से पढ़ाई की है. उन्होंने साल 2014 में दो महीने की इंटर्नशिप करने के बाद रिलायंस ग्रुप को ज्वाइन कर लिया. इसके बाद 2016 में वह रिलायंस कैपिटल के बोर्ड में शामिल

दो साल में दोगुना हुआ रेवेन्यू

गौरतलब है कि अनिल अंबानी इस वक्त वित्तीय संकट से जूझ रहे हैं और एनसीएलएटी ने रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom) और इसकी सहयोगी रिलायंस इंफ्राटेल व रिलायंस टेलीकॉम के खिलाफ दिवालिया प्रक्रिया पर बुधवार को सशर्त रोक लगा दी. इसके साथ ही अदालत ने इन कंपनियों को अपनी संपत्ति रिलायंस जियो को बेचने की अनुमति दे दी. एनसीएलएटी ने आरकॉम और इसकी सहयोगी कंपनियों से एरिक्सन इंडिया को 500 करोड़ रुपये का भुगतान 120 दिन में करने के लिए कहा है.