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8वीं फेल इस लड़के ने बना डाली करोड़ों की कंपनी , अब CBI भी लेती है मदद

नई दिल्ली : कहते है कि अगर खुद पर विश्वास हो तो कोई भी काम मुश्किल नहीं होता , बस मन उस काम को करने की लग्न होनी चाहिए , फिर मुश्किल से मुश्किल काम भी आसानी से हो जाता है। कुछ एेसी ही कहानी है त्रिशनित अरोड़ा की । त्रिशनित की कम्प्यूटर में गहरी दिलचस्पी थी, इसी वजह से पढ़ाई के दौरान एग्जाम में फेल भी हो गए। घर वालों ने नाराजगी जताई। लेकिन इस लड़के की जिद अलग थी। कुछ नया, पर अपने मन की करना। उन्होंने कर दिखाया। आज महज 23 साल की उम्र में त्रिशनित अरोड़ा करोड़ों का कारोबार करते हैं। ऐसा बिजनेस जिसे आमतौर पर लोग नहीं जानते हैं। त्रिशनित एथिकल हैकर हैं। एथिकल हैकिंग में नेटवर्क या सिस्टम इन्फ्रास्ट्रक्चर की सिक्युरिटी इवैल्युएट की जाती है। सर्टिफाइड हैकर्स इसकी निगरानी करते हैं, ताकि कोई नेटवर्क या सिस्टम (कम्प्यूटर) इन्फ्रास्ट्रक्चर की सिक्युरिटी तोड़कर कॉन्फिडेन्शियल चीजें न तो उड़ा सके और न ही वायरस या दूसरे मीडियम्स के जरिए कोई नुकसान पहुंचा सके।

बचपन में खेला करते थे वीडियो गेम

त्रिशनित अरोरा ने बताया है कि बचपन से ही उन्हें कम्प्यूटर में रुची थी। वो हर समय वीडियो गेम खेला करते थे। देर तक कम्प्यूटर में बैठने पर उनके पिता को काफी टेंशन होती थी। वो रोज कम्प्यूटर का पासवर्ड चैंज किया करते थे, लेकिन त्रिशनित रोज पासवर्ड को क्रेक कर दिया करता था, लेकिन इस चीज को देखकर उनके पिता भी प्रभावित हो गए और नया कम्प्यूटर लाकर दे दिया। एक वक्त ऐसा आया जिससे उनकी जिंदगी बदल गई

छोड़ा स्कूल और करने लगे प्रोजेक्ट्स पर काम

एक दिन त्रिशनित की स्कूल प्रिंसिपल ने उनके माता-पिता को स्कूल बुलाकर कहा कि उनका बच्चा 8वीं में फेल हो गया है। जिसके बाद उनके माता-पिता ने पूछा आखिर वो करना चाहते हैं। जिसके बाद उन्होंने फैसला लिया कि वो कम्प्यूटर में ही अपना करियर बनाएंगे। जिसके बाद पिता के कहने पर उन्होंने स्कूल छोड़ दिया और कम्प्यूटर की बारीकियों सीखने लगे। 19 साल की उम्र में वो कम्प्यूटर फिक्सिंग और सॉफ्टवेयर क्लीनिंग करना सीख गए थे। जिसके बाद वो छोटे प्रोजेक्ट्स पर काम करने लगे। उनको पहला चेक 60 हजार रुपये का मिला था। जिसके बाद उन्होंने पैसे बचाकर खुद की कंपनी में खर्च करने का सोचा। आज जिसका नाम टीएसी सेक्यूरिटी सॉल्यूशन है। जो एक साइबर सिक्युरिटी कंपनी है

CBI से लेकर रिलायंस इंडस्ट्रीज भी है इनकी क्लाइंट

जब त्रिशनित अरोरा 21 साल के थे तो उन्होंने अपनी कंपनी स्टार्ट की. त्रिशनित अब रिलायंस, सीबीआई, पंजाब पुलिस, एवन साइकिल जैसी कंपनियों को साइबर से जुड़ी सर्विसेज दे रहे हैं। वो हैकिंग पर किताबें भी लिख चुके हैं। ‘हैकिंग टॉक विद त्रिशनित अरोड़ा’ ‘दि हैकिंग एरा’ और ‘हैकिंग विद स्मार्ट फोन्स’ जैसी किताबें उन्हींने लिखी हैं।

CBI से लेकर रिलायंस इंडस्ट्रीज भी है इनकी क्लाइंट

उनकी मानें तो भारत में उनकी कंपनी के चार ऑफिस हैं और दुबई में भी एक ऑफिस है। करीब 40% क्लाइंट्स इन्हीं ऑफिसेस से डील करते हैं। दुनियाभर में 50 फॉर्च्यून और 500 कंपनियां क्लाइंट हैं। त्रिशनित का सपना है कि वो बिलियन डॉलर सेक्यूरिटी कंपनी खड़ी करें। फोर्ब्स की मानें तो भारत के अलावा, टीएसी दुबई से भी काम करता है, शुरुआती दावों के अनुसाल डोमेस्टिक मार्केट और मिडिल ईस्ट से 1 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व अर्जित किया है।