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खेलो इंडिया गेम्स में बिहार के आशीष ने जीता कांस्य, बचायी बिहार की लाज

पटना :खेलो इंडिया स्कूल गेम्स के भारोत्तोलन में बिहार के जहानाबाद के रहनेवाले आशीष कुमार गोराई ने कांस्य पदक जीत अपने राज्य की लाज बचा ली है. इस टूर्नामेंट के आखिरी दिन मिले इस पदक को लेकर राज्य के लोग उत्साहित हैं.

वहीं अगले वर्ष बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद की जा रही है. लेकिन, इस वर्ष जब मौका मिला था, तो इसे राज्य के अधिकारियों की लापरवाही से हम भुनाने में नाकाम हो गये. उनकी नीतियों की वजह से इस टूर्नामेंट में बिहार के खिलाड़ियों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा. इस टूर्नामेंट के 16 खेलों में मात्र छह खेलों से 24 बिहार के खिलाड़ी क्वालिफाई करने में कामयाब हुए थे. कला, संस्कृति एवं युवा विभाग द्वारा पूरे एक वर्ष तक कोई तैयारी नहीं की गयी. आखिरी दौर में 10 दिनों का प्रशिक्षण शिविर लगाकर टीम को रवाना कर दिया गया. इस टूर्नामेंट में 29 राज्यों की टीमों ने हिस्सा लिया था. एक पदक जीत बिहार 28वें पायदान पर रहा.

आशीष को पांच सालों तक मिलेंगे पांच लाख : कांस्य पदक जीतनेवाले आशीष पर भारत सरकार द्वारा पांच लाख रुपये प्रत्येक वर्ष खर्च किये जायेंगे. यह राशि उसके प्रशिक्षण, उपकरण और शिक्षण पर खर्च होंगे. आशीष के जीत पर राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक अरविंद पांडेय, निदेशक आशीष सिन्हा, क्रीड़ा कार्यपालक संजीव कुमार सिंह, सहायक निदेशक क्रीड़ा मिथिलेश कुमार व अन्य ने बधाई दी है.

आशीष को पांच सालों तक मिलेंगे पांच लाख : कांस्य पदक जीतनेवाले आशीष पर भारत सरकार द्वारा पांच लाख रुप

खेलो इंडिया स्कूल गेम्स में भाग लेने गये बिहार के खिलाड़ियों के दल को राज्य के सांसदों ने अपने आवास पर बुलाकर सम्मानित किया. सांसद राधा मोहन सिंह ने खिलाड़ियों व अधिकारियों को प्रतीक चिह्न व रात्रि भोज दिया, तो वहीं सांसद रामकृपाल यादव ने पूरे दल को बुके देकर सम्मानित किया. इसके अलावा सांसद अश्विनी चौबे ने भी दल को पुरस्कृत किया. राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक अरविंद पांडेय का कहना है कि अगर खेलो इंडिया की तैयारी को लेकर हम सजग होते, तो आज हमारे झोली में पदकों की संख्या और अधिक होती. जिलास्तरीय और राज्यस्तरीय टूर्नामेंट खेलो इंडिया के राज्य में होते, तो हमारे खिलाड़ी नेशनल में बेहतर प्रदर्शन करते. दूसरे राज्यों ने इस टूर्नामेंट को चुनौती के रूप में लिया और वह कामयाब हुए.

आशीष को पांच सालों तक मिलेंगे पांच लाख : कांस्य पदक जीतनेवाले आशीष पर भारत सरकार द्वारा पांच लाख रुप