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24 साल के संघर्ष के बाद मिली सफलता, स्‍थायी हुई नौकरी

पटना [राज्य ब्यूरो]। नौकरी के 34 साल बाद भागलपुर स्थित शहीद जुब्बा सहनी केंद्रीय कारा के कुल बीस कक्षपालों की सेवा सरकार ने स्थाई कर दी है। हालांकि इसके लिए कक्षपालों ने करीब 24 साल तक अदालती लड़ाई लड़ी। यहां तक कि पटना हाइकोर्ट से मुकदमा जीतने के बाद भी इन्हें कोर्ट के आदेश की अवमानना का मुकदमा लडऩा पड़ा। इन कक्षपालों को वर्ष 1984 में नियुक्त किया गया था और वर्ष 1994 से ये अदालती लड़ाई लड़ रहे थे।

पटना हाईकोर्ट के फैसले के बाद इन कक्षपालों को वर्ष 2011 से स्थाई करने का आदेश गृह विभाग ने जारी किया था। जिसके बाद कक्षपालों ने फिर से कोर्ट से गुहार लगाई थी। बाद में महाधिवक्ता की सलाह पर इन सभी बीस कक्षपालों की सेवा वर्ष 1994 से स्थाई करने का आदेश गृह (कारा) विभाग ने जारी किया है। जिन 20 कक्षपालों की सेवा स्थाई करने का विभाग ने आदेश जारी किया है, उनमें अमरेंद्र चंद्र दास, संजीव प्रताप सिंह, गनौरी राय, उपेंद्र कुमार राणा, विलास पंडित, मो. हफीजुद्दीन, दुखी उरांव, मनोज कुमार सिंह, अनिल कुमार राय, शंकर चौधरी, आशित कुमार, सुधांशु दत्त द्वारी, बैजनाथ उरांव, गंगा सागर मिश्र, दुर्गा प्रसाद, विजय कुमार गुप्ता, अविनाश मुर्मू, शंभुनाथ सिंह, रामजी उपाध्याय और अजय कुमार सिंह शामिल हैं।