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स्कूल संचालक ने पार की हैवानियत की हदें, छठी कक्षा के छात्र को बनाया हवस का शिकार

सीतामढ़ी (बैरगनिया) :बिहार में सीतामढ़ी के एक निजी स्कूल के संचालक द्वारा अपने ही स्कूल के छठी कक्षा में पढ़ने वाले एक छात्र के साथ अप्राकृतिक यौनाचार का मामला सामने आया है. पुलिस ने मामले में पीड़ित के परिजनों के आवेदन पर नगर के शिवालय मंदिर रोड स्थित शिवाजी जेएमडी स्कूल के संचालक नगर पंचायत के वार्ड नंबर- 21 सेखौना के विनय कुमार भारती, पिता ओमप्रकाश सिंह, भाई विक्की कुमार व पत्नी निर्मला देवी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी है.

पुलिस ने उसके पिता ओमप्रकाश सिंह, भाई विक्की कुमार व पत्नी निर्मला देवी को दुधमुंहे बच्चे के साथ गिरफ्तार कर शुक्रवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया. मुख्य आरोपी स्कूल का संचालक पुलिस की गिरफ्त से अभी बाहर है. थानाध्यक्ष सुजीत कुमार ने बताया कि पीड़ित के परिजनों ने दर्ज प्राथमिकी में कहा है कि वह चार वर्षों से आरोपित संचालक के स्कूल में पढ़ रहा है. संचालक जान से मारने की धमकी देकर छात्र के साथ तीन वर्षों से अप्राकृतिक यौनाचार कर रहा था. पीड़ित छात्र पर संचालक के दानवी रूप का इतना खौप था कि डर से अपने ऊपर हो रहे कुकृत्यों की जानकारी किसी को नहीं बताता था. शुक्रवार को रोते बिलखते स्कूल से किसी तरह जान छुड़ाकर घर पहुंचे पीड़ित ने जब सारी बातें अपने माता-पिता को बतायी, तो सभी सन्न रह गये.

बेरहमी से पीटता था संचालक

छात्र ने बताया कि मुंह नहीं खोलने के लिए उसे स्कूल का संचालक बेरहमी पीटता था. मारपीट के बाद उसके शरीर पर निशान इसके गवाह हैं. पीड़ित ने बताया कि उसे पहले नशे की दवा देकर बेहोश कर दिया जाता था. फिर उसके साथ संचालक अनैतिक संबंध बनाता था. बताया कि अनैतिक संबंध बनाने से पहले संचालक कोई खास केमिकल भी उसके शरीर पर लगाता था. विरोध करने पर पीड़ित व उसके परिवार को खत्म करने की धमकी दी जाती थी. गुरु के रूप में हैवान बने संचालक के खौप का असर छात्र पर इस कदर हो गया है कि स्कूल का नाम सुनते ही वह रोने लगता है. जब परिजन इस संबंध में स्कूल में जाकर शिकायत किये, तो आरोपितों ने उल्टे परिजनों से गाली-गलौज की व मारपीट कर भगा दिया. कहा कि मुंह खोलोगे, तो अंजाम बुरा होगा.

शिक्षण संस्थानों की विश्वसनीयता पर उठ रहा सवाल

पीड़ित के परिजन सदमे में हैं. संचालक के खौफ से भयभीत भी हैं. पीड़ित बच्चे का नगर के एक निजी क्लिनिक में इलाज कराया गया. गुरु शिष्य के पवित्र रिश्ते को शर्मसार होने की घटना से इलाके के अभिभावक चिंतित हैं. पिछले 12 दिसंबर को भी एक शिक्षक शादी की नीयत से अपने ही कोचिंग की एक छात्रा को अगवा कर लिया था. उसकी अभी तक बरामदगी भी नहीं हुई है. वार्ड पार्षद प्रतिनिधि राकेश कुमार व भाजपा अनुसूचित जाति मोरचा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य दीपलाल बघेला समेत अन्य लोगों ने शहर में बिना निबंधन के चल रहे अवैध कोचिंग व निजी शिक्षण संस्थानों के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई की मांग सरकार से की है. शुक्रवार को पीड़ित छात्र का 164 का बयान कराया गया. शनिवार को न्यायालय के आदेश पर पीड़ित की मेडिकल जांच की गयी.

शिक्षण संस्थानों की विश्वसनीयता पर उठ रहा सवाल