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बिहार का सबसे बड़ा चुनावी संग्राम: नीतीश, मोदी और राबड़ी को आजमानी होगी किस्मत

पटना [अरविंद शर्मा]।संसदीय चुनाव से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी, राजद विधानमंडल दल की नेता राबड़ी देवी एवं स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय को चुनाव का सामना करना पड़ेगा। पांच मई को खाली हो रही बिहार विधान परिषद की 11 सीटों में ही इनकी सीटें भी हैं। उच्च सदन का सदस्य बने रहने के लिए इन्हें दोबारा जीतकर आना पड़ेगा। इनपर राज्यसभा के साथ ही चुनाव होगा। प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

आम चुनावों की तरह राज्यसभा एवं विधान परिषद के चुनावों का संबंध सीधे आम जनता से नहीं होता लेकिन हालात, आसार, संभावनाओं और समीकरणों के लिहाज से अगले महीने बिहार में सियासी पारा चढऩा तय माना जा रहा है। दावेदारों की भागदौड़ और मौके को भुनाने की कोशिशों ने माहौल को अभी से गर्म कर रखा है। सियासी नफा-नुकसान और वोटों का आकलन किया जाने लगा है। दलों में खींचतान एवं एक दूसरे को पीछे छोडऩे की होड़ ने महारथियों को बेचैन कर रखा है।

सबकी नजर कांग्रेस पर है, जो प्रदेश में लालू-नीतीश की जोड़ी के बिखरने के बाद नाजुक दौर से गुजर रही है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक कुमार चौधरी की संदिग्ध सियासी गतिविधियों के बाद राज्यसभा एवं विधान परिषद चुनावों में कांग्रेस की एकता की परीक्षा होनी है।चुनावी फार्मूले के मुताबिक विधान परिषद में एक सीट पर जीत तय करने के लिए कम से कम 21 वोटों की जरूरत पड़ेगी। खाली होने वाली सीटों में जदयू के हिस्से की छह, भाजपा की चार और राजद की एक सीट है। विधानसभा में दलों की वर्तमान संख्या बल के हिसाब से सत्तारूढ़ गठबंधन को छह और राजद-कांग्रेस को पांच सीटें मिलना तय माना जा रहा है।

राजद-कांग्रेस को चार सीटों का फायदा

विधान परिषद की खाली होने जा रही 11 सीटों में से 10 पर सत्तारूढ़ गठबंधन का कब्जा है। विपक्ष के हिस्से में अभी महज राबड़ी देवी वाली सीट है। विधानसभा में राजग के पास 128 का संख्या बल है, जबकि राजद-कांग्र्रेस के पास 106 विधायकों की ताकत है।

राजद-कांग्रेस को चार सीटों का फायदा

चार निर्दलीय और तीन भाकपा माले के विधायक हैं। मुंद्रिका यादव और आनंद भूषण पांडेय के निधन से राजद और भाजपा की एक-एक सीटें कम हो गई हैं। संख्या बल के हिसाब से सत्तारूढ़ गठबंधन को छह और विपक्ष के हिस्से में पांच सीटें आती दिख रही हैं। इस तरह राजद-कांग्रेस को चार सीटों का फायदा होना तय है।