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झारखंड : सदन में हंगामा, 10 मिनट में कार्यवाही स्थगित, दूसरी पाली में नहीं हो सकी चर्चा

रांची :सदन की कार्यवाही बुधवार को भी दिन भर नहीं चली़ दोनों ही पाली में सदन हो-हंगामा, नारेबाजी और शोरगुल में डूबा रहा़ पहली पाली में प्रश्नकाल नहीं चल सका, वहीं दूसरी पाली में बजट पर चर्चा नहीं हो पायी़ दोनों ही पाली में कार्यवाही शुरू होने के 10 मिनट बाद ही स्पीकर दिनेश उरांव ने स्थगित कर दी़ विपक्ष सदन में विधायकों के रवैये से नाराज था.

विपक्ष के विधायक राज्य के तीन आला अधिकारी मुख्य सचिव, डीजीपी और एडीजी पर कार्रवाई की मांग को लेकर अड़े रहे़ विपक्ष के विधायकों ने सदन के अंदर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. वहीं सत्ता पक्ष के विधायकों ने विपक्ष के विधायकों पर सदन को बाधित करने का आरोप लगाया़ अभी बैठा भी नहीं हूं और शुरू हो गये

पहली पाली में कार्यवाही शुरू होते ही माले विधायक राजकुमार यादव ने गिरिडीह में बुधनी सोरेन की मौत भूख से होने का मामला उठाते हुए मुआवजे की मांग की़ स्पीकर श्री उरांव ने आसन ग्रहण नहीं किया था और विधायक श्री यादव बोलना शुरू कर दिये़ इस पर स्पीकर ने अपनी नाराजगी जतायी़ स्पीकर ने कहा : विचित्र बात है़ अभी आसन पर बैठा भी नहीं हूं, शुरू हो जाते है़ं काेई चीज सिस्टम से लाना चाहिए़ शोर-शराबे के बीच स्पीकर ने अल्पसूचित प्रश्न के लिए राधाकृष्ण किशोर का नाम पुकारा़ श्री किशोर ने प्रश्न भी पूछा. मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा ने प्रश्न का जवाब भी दिया़ लेकिन सदन आॅर्डर में नहीं था़

ऐसे में नहीं बोल सकता़, हाउस को आॅर्डर में लायें

स दौरान झामुमो, झाविमो और कांग्रेस के विधायक जोर-जोर से अपनी बात कर रहे थे़ प्रतिपक्ष के नेता हेमंत सोरेन और प्रदीप यादव का कहना था कि हमें कार्रवाई चाहिए़ झामुमो के विधायक वेल में घुस कर, तो कुछ अपनी सीट से नारेबाजी कर रहे थे़ मंत्री सीपी सिंह को एक प्रश्न का जवाब देना था, तो उन्होंने कहा कि मैं ऐसे में नहीं बोल सकता़ हाउस को आॅर्डर में लाये़ं नाराज स्पीकर ने 11़ 18 बजे पहली पाली की कार्यवाही स्थगित कर दी़ उधर दूसरी पाली में भी विपक्षी दलों का हंगामा जारी रहा. सदन की कार्यवाही सिर्फ 10 मिनट ही चल पायी. बजट पर चर्चा भी नहीं हो पायी. स्पीकर श्री उरांव ने कहा कि सदन की स्थिति चिंताजनक है. इसके बाद उन्होंने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी.

ऐसे में नहीं बोल सकता़, हाउस को आॅर्डर में लायें

दूसरी पाली में सदन में बजट पर नहीं हो सकी चर्चा आरक्षण का मापदंड सरकार तय करती है दूसरी पाली में सदन की कार्यवाही 2.10 बजे से शुरू हुई. विपक्ष के हो-हंगामा के बीच सत्ता पक्ष के विधायक राधाकृष्ण किशोर ने जेपीएससी की 29 जनवरी को होने वाली मुख्य परीक्षा को स्थगित करने का सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि जेपीएससी संवैधानिक संस्था है, लेकिन आरक्षण का मापदंड सरकार तय करती है. चौथी जेपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा में आरक्षण नियमों का पालन किया गया. लेकिन छठी जेपीएससी में इसका पालन नहीं किया जा रहा है, जबकि बिहार व उत्तर प्रदेश में आयोजित होने वाली प्रारंभिक परीक्षा में इसका पालन हो रहा है.

इसलिए सरकार 29 जनवरी को होने वाली मुख्य परीक्षा को स्थगित करे. सत्ता पक्ष के विधायक नवीन जायसवाल, राम कुमार पाहन समेत अन्य विधायकों ने भी इसका समर्थन किया. इसके बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि आज (24 जनवरी) को शाम में होने वाली कैबिनेट की बैठक में 29 जनवरी को होने वाली परीक्षा को स्थगित करने का प्रस्ताव लाया जायेगा. इस पर मंजूरी मिलने के बाद जेपीएससी से परीक्षा स्थगित करने का आग्रह किया जायेगा. नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सदन को अंधकार में रखा गया है. इसके बाद स्पीकर ने बजट पर चर्चा की कार्यवाही शुरू की. जैसे ही भाजपा विधायक अनंत ओझा बोलने उठे, झामुमो व कांग्रेस के विधायक वेल में आ गये और हंगामा करने लगे. इसके बाद स्पीकर ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी.