Yo Diary

Offer Price 98/-

जब ध्वनि प्रदूषण से तंग आकर पत्नी ने पति से मांगा तलाक, पूरा मामला जानकर हो जायेंगे हैरान

वैशाली : यह कहानी हाल में आयी फिल्म टॉयलेट एक प्रेम कथा जैसी ही है, फर्क बस इतना है कि इसके किरदार स्टार अक्षय कुमार और भूमि पेडनेकर नहीं हैं. बिहार के वैशाली जिले के हाजीपुर की इस कहानी के किरदार आम लोग हैं. एक पति-पत्नी, जो शादी के बाद अपना जीवन सुखमय बिताना चाहते थे. अब इस कहानी में एक ट्विस्ट आ गयी है. पत्नी ने पति को साफ कह दिया है कि यदि आप ध्वनि प्रदूषण से मुझे मुक्ति नहीं दिला सकते, तो तलाक ही दे दीजिए, क्योंकि ध्वनि प्रदूषण की वजह से मैं आपके साथ जीवन नहीं गुजार सकती. जी हां, सुनकर आपको थोड़ा अटपटा लगे, लेकिन यह सत्य है. पटना से सटे हाजीपुर में धार्मिक अनुष्ठान के दौरान बजने वाले कानफोडू ध्वनि प्रदूषण से तंग आकर एक पत्नी ने यह फैसला लिया है और पति से तलाक की मांग कर दी है.

पत्नी की इस मांग से पति के साथ-साथ परिवार वाले भी परेशान हो गये हैं. वहीं दूसरी ओर ध्वनि प्रदूषण के लिए बने कानून को अमल में नहीं लाने वाला प्रशासन मूक दर्शक की भूमिका में है. जानकारी के मुताबिक हाजीपुर के रोड नंबर 5 के मकान नंबर 304 की रहने वाली महिला स्नेहा सिंह घर के आस-पास लगातार होने वाले धार्मिक अनुष्ठान और उसके दौरान बजने वाले लाउडस्पीकर से परेशान है. स्नेहा का दिमाग झनझना जाता है, वह कुछ सुन नहीं पाती है और परेशानी इतनी की वह व्यक्त नहीं कर सकती. उसने इससे निजात पाने के लिए मानवाधिकार आयोग से लेकर मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री तक से गुहार लगायी, लेकिन समस्या का समाधान निकलता नहीं देख, उसने अपने पति से तलाक की मांग कर दी है.

दरअसल, मुहल्ले में रहने वाले कुछ शरारती तत्व जानबूझकर लाउडस्पीकर इतनी तेज बजाते हैं कि वह ध्वनि प्रदूषण रोकने वाले मानकों का खुलेआम उल्लंघन होता है. कई बार स्थानीय थाना में गुहार लगाने के बाद प्रशासन ने अनुष्ठान के दौरान उसे घर छोड़ देने की सलाह दी, लेकिन लाउडस्पीकर को बंद नहीं करवा पाये. कहीं से कोई राहत मिलती नहीं देख स्नेहा ने अपने पति से तलाक की मांग की है. प्रशासन की लापरवाही की वजह से एक पूरा परिवार ही बिखरने के कगार पर है. स्नेहा ने चार साल पहले हाजीपुर के राकेश सिंह से प्रेम विवाह किया था. राकेश शारीरिक रूप से दिव्यांग हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर के बैंडमिंटन खिलाड़ी रह चुके हैं. राकेश का अपना व्यवसाय है. स्नेहा सिंह का मानना है कि जो पति अपनी पत्नी को प्रशासन से सुरक्षा और सहयोग दिलाने में असमर्थ हो, उसके साथ जीवन बिताना अब मुमकिन नहीं है.

स्नेहा का कहना है कि मुहल्ले में होने वाली ध्वनि प्रदूषण से वो काफी परेशान हो जाती है, लेकिन इस मामले को लेकर उनके पति राकेश मुहल्ले वालों की शरारत से निजात दिलाने में अबतस्क असमर्थ रहे है. जिसके चलते स्नेहा ने तलाक की मांग की है. स्नेहा ने कहा कि पहले प्रशासन से कई बार मदद की गुहार लगायी गयी, लेकिन प्रशासन से कोई ठोस मदद नहीं मिली तब उन्होंने अपने पति से मदद मांगी. पति भी मुहल्ले वालों की अड़ियल रवैये के आगे झुक गये, जिसके चलते स्नेहा को यह कदम उठाने को मजबूर होना पड़ा है. इधर, पति राकेश सिंह कहना है कि उन्हें प्रशासन से कोई सहयोग नहीं मिला है, इस कारण वह इसके लिए मुहल्ले वालों से झगड़ा मोल लेना नहीं चाहते हैं. तलाक मांगने की वजह से राकेश भी काफी परेशान हैं.

हालांकि स्नेहा सिंह ने तलाक के लिए कोई तारीख पक्की नहीं की है. ऐसे में फिलहाल परिवार वाले समझने बुझाने में लगे है. परिवार वाले स्नेहा की दिक्कतों को समझते हैं, लेकिन उनका कहना है कि एक बार ध्वनि प्रदूषण की लेकर पुलिस में शिकायत की गयी थी. जिससे भड़के उपद्रवी तत्वों ने उनके घर पर पथराव किया था, लेकिन प्रशासन से कोई खास मदद नहीं मिल सकी. इस कारण परिवार वाले अब मुहल्ले वाले का विरोध करने की स्थिति में नहीं है. लॉ ग्रैजुएट स्नेहा सिंह आधुनिक विचारों वाली महिला हैं. स्नेहा ने सभी विरोध के बावजूद भी दिव्यांग राकेश को अपना पति बनाया. अब वहीं स्नेहा राकेश सिंह से ध्वनि प्रदूषण को लेकर तलाक चाहती है. हाजीपुर में स्नेहा द्वारा उठाया गया यह कदम चर्चा का विषय बना हुआ है.