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बिहार : आरक्षण नहीं बनेगी बाधा, प्रदेश में सिविल लिस्ट के हिसाब से जारी रहेगी प्रोन्नति

पटना : राज्य सरकार ने प्रोन्नति को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है. इसके अनुसार राज्य सरकार के सभी स्तर और तमाम सेवाओं के कर्मियों को सिविल लिस्ट के अनुसार ही प्रोन्नति मिलेगी. मौजूदा व्यवस्था के अनुसार किसी सेवा में प्रोन्नति में आरक्षण का कोई चक्कर नहीं होगा. यानी आरक्षण के आधार किसी को प्रोन्नति नहीं मिलेगी. मेरिट के आधार पर जो सिविल लिस्ट जिस विभाग में तैयार रहेगी, उसी के आधार पर प्रोन्नति दी जायेगी.

यह नियम सामान रूप से सभी सरकारी विभागों और निकायों में लागू होगी. इस मामले में सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों के प्रधान सचिव, प्रमंडलीय आयुक्त, डीएम, बीपीएससी सचिव, एसएससी, केंद्रीय सिपाही भर्ती चयन पर्षद समेत अन्य तमाम विभागों को लिखित आदेश जारी किया है. यह व्यवस्था उस समय तक लागू रहेगी, जब तक कि सुप्रीम कोर्ट से इस मामले में अंतिम निर्णय नहीं आ जाता है. कोर्ट का अंतिम निर्णय आने के बाद ही अंतिम रूप से इससे संबंधित व्यवस्था लागू की जायेगी.

फिलहाल यह औपबंधिक रूप से यह व्यवस्था लागू होगी. अगर सुप्रीम कोर्ट के स्तर से प्रोन्नति में आरक्षण की व्यवस्था लागू कर दी जाती है, तो इस दौरान तमाम प्रोन्नत किये गये कर्मियों को वापस पुराने रैंक में जाना पड़ेगा. इनकी प्रोन्नति के लाभ को वापस कर दिया जायेगा.

सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने तक पटना हाईकोर्ट की डबल बेंच का प्रोन्नति में आरक्षण की व्यवस्था लागू नहीं करने का फैसला ही मान्य होगा और इसका पालन राज्य सरकार के सभी महकमों को करना होगा.