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बेटे पर प्राथमिकी से बौखलाये अश्विनी चौबे, कहा- जय श्रीराम कहना आतंकवाद होता, तो सबसे पहले आतंकी महा

भागलपुर :भारतीय नववर्ष की पूर्व संध्या पर पर निकाली गयी शोभायात्रा के बाद सांप्रदायिक रंग दिये जाने और बेटे अर्जित शाश्वत चौबे समेत करीब 500 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किये जाने पर बौखलाये केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि 'वंदे मातरम्', 'भारत माता की जय' और 'जय श्रीराम' कहना आतंकवाद नहीं है. यदि ऐसा होता, तो सबसे पहले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी आतंकवादी होते, जिन्होंने 'हे राम' कहते हुए आखिरी सांस ली थी. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री अश्विनी चौबे ने कहीं. उन्होंने कहा कि भागलपुर में भारतीय नववर्ष की पूर्व संध्या पर पर आयोजित शोभायात्रा निकाले जाने से कोई विवाद खड़ा नहीं हुआ है. शोभा यात्रा शांतिपूर्वक निकल गयी थी. शोभा यात्रा जुलूस का इससे कोई लेना-देना नहीं है. साथ ही उन्होंने इस बात को सिरे से खारिज कर दिया कि शोभा यात्रा निकालने के लिए आदेश नहीं लिया गया था. उन्होंने कहा कि यदि ऐसा था, तो शोभा यात्रा को शुरू होने के साथ ही रोक दिया जाना चाहिए था. उन्होंने कहा कि प्रशासन से आदेश भी लिया गया था. शोभा यात्रा के साथ प्रशासन के लोग भी थे. साथ ही कहा कि यहां असामाजिक

केंद्रीय मंत्री के बेटे शाश्वत चौबे समेत 500 अज्ञात लोगों पर मामला दर्ज, दोनों पक्षों ने दर्ज करायी

भागलपुर में हुए उपद्रव मामले में पुलिस ने दो प्राथमिकियां दर्ज की हैं. इनमें एक प्राथमिकी जुलूस के विरुद्ध है, तो दूसरी प्राथमिकी पत्थरबाजों के खिलाफ दर्ज की गयी है. जुलूस के विरुद्ध दर्ज प्राथमिकी में गैरमजमा बनाते हुए बिना अनुमति के जुलूस निकालने और सांप्रदायिक सदभावना को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया गया है. इस प्राथमिकी में केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के पुत्र अर्जित शाश्वत चौबे, देव कुमार पांडेय, अनुप लाल साह, प्रणव साह, अभय घोष सोनू, प्रमोद शर्मा, निरंजन सिंह, संजय भट्ट को नामजद और 500 अज्ञात लोगों को आरोपित बनाया गया है. वहीं, दूसरी प्राथमिकी में 500 अज्ञात के खिलाफ मारपीट, पत्थरबाजी, फायरिंग व सांप्रदायिक सदभावना को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया गया है. इस मामले में केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि इसमें असामाजिक तत्वों का हाथ है. भारतीय नववर्ष की पूर्व संध्या पर भारत माता की शोभायात्रा निकाले जाने से कोई विवाद खड़ा नहीं हुआ है. शोभायात्रा शांतिपूर्वक निकल गयी थी. शोभायात्रा जुलूस का इससे कुछ लेना-देना नहीं है. इसके बाद साजिश के तहत असामाजिक तत्वों ने वि