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सीतामढ़ी बस हादसा: सियाराम व गोपाल ने बचायीं पांच जिंदगियां

मुजफ्फरपुर :मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी एनएच 77 पर औराई जा रही बस चंदन रथ शनिवार की शाम पौने छह बजे भनसपट्टी पुल की रेलिंग तोड़ते हुए नीचे गिर गयी. जिसमें 14की मौत हो गयी, जबकि 51 से अधिक यात्री जख्मी हो गये. जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही पांच जिंदगियों को सियाराम ठाकुर व गोपाल कुमार साह ने नयी जान दी. पहले बस में फंसे लोगों को खींच कर बाहर निकाला. फिर, उनको कंधे पर लाद कर पुल के नीचे से ऊपर लाया. डॉक्टर के पास ले जाने के लिए उनके पास वाहन नहीं था तो रून्नीसैदपुर टोल प्लाजा से एंबुलेंस लेकर सभी घायलों को उसमें लाद कर पीएचसी ले गये. वहां से जब डॉक्टरों ने रेफर कर दिया तो एसकेएमसीएच लेकर पहुंच गये. सभी को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराने के बाद वह रून्नीसैदपुर वापस लौट आया.

तेज आवाज के साथ मची चीख पुकार. सियाराम ठाकुर ने बताया कि शाम के करीब साढ़े पांच बजे होंगे. वह हाइवे लाइन होटल के समीप अपने एक दोस्त से बातचीत कर रहा था. इसी बीच जोड़ की आवाज के साथ चीख- पुकार मच गयी. लोग भनसपट्टी पुल की ओर दौड़ने लगे. वह भी भागते- भागते वहां पहुंचा तो देखा कि पुल की रेलिंग तोड़कर बस नीचे गिरी हुई है. लोग उसके अंदर से चीख पुकार मचा रहें है. ग्रामीणों ने प्रशासन को दिया पूरा सपोर्ट. घटना के बाद ग्रामीणों ने पहले बस में लोगों को बाहर निकाला. करीब दो दर्जन से अधिक ग्रामीण घायलों को अपने कंधों पर लाद कर पुल के नीचे से एनएच पर ला रहे थे. फिर, उसे एंबुलेंस में लाद कर इलाज के लिए एसकेएमसीएच भेज रहे थे. वहीं प्रशासन ज्यादा से ज्यादा घायलों की जान बचाया जा सके इसके लिए एंबुलेंस संबंधित अन्य जरूरी समान मुहैया करा रहे थे.

औराई जा रहे थे अहियापुर के सुधाकर

अहियापुर शेखपुर 50 वर्षीय निवासी सुधाकर मिश्रा बस से औराई जा रहे थे. घटना के बाद घायल सुधाकर झा ने कहा कि बस की सभी सीटें फुल थी. करीब 15 लोग बस के अंदर खड़े थे. छत पर भी करीब 20 लोग सवार थे. भनसपट्टी पुल के पास चालक एकाएक दाहिनी तरफ बस घुमाया. बस स्पीड में होने के कारण पुल के नीचे जा गिरा.

अचानक गिर गयी बस और मच गया कोहराम

धोबौली कटरा के साठ वर्षीय मो शोयूब कोर्ट में तारीख पर शहर आये थे. दुर्घटना से वे भी बुरी तरह घायल हो गये हैं. एसकेएमसीएच में इलाज के दौरान उन्होंने कहा कि बस में काफी भीड़ थी. मुझे किसी तरह एक सीट मिल गयी थी. अचानक बस तेज आवाज के साथ नीचे गिर गयी. मुझे चोट तो बहुत लगी, लेकिन मैं बेहोश नहीं हुआ.

अचानक गिर गयी बस और मच गया कोहराम