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बिहार : अन्नदाता की अंगुलियों पर होंगे खेती-किसानी के उपयोगी टिप्स....जानें कैसे

पटना :बिहार-झारखंड के अन्नदाताओं के लिए खुशखबरी है. खेती-किसानी की जानकारी के लिए अब उन्हें इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा. घर बैठे स्मार्ट फोन के माध्यम से वह खेती-किसानी से संबंधित पूरी जानकारी हासिल कर लेंगे. इसमें किसानोंकी मदद करेगा एक खास एप. स्वॉयल न्यूट्रियंट मैनेजर' एप को भारतीय कृषि अनुसंधान केंद्र (आईसीएआर) के वैज्ञानिकों ने बनाया है़

गूगल प्ले स्टोर से करें डाउनलोड

डॉ बीपी भट्ट, डॉ जेएस मिश्रा, डॉ मनोज कुमार, केके राव, डॉ आरसी भारती व डॉ कीर्ति सौरभ द्वारा बनाए 'स्वॉयल न्यूट्रियंट मैनेजर' एप को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है. सबसे पहले किसानों को इसमें अपना नंबर व ई-मेल रजिस्टर करना होगा. उसमें कुछ जरूरी जानकारी भरकर यह प्रक्रिया पूरी की जा सकती है. इसके बाद इसमें अपने खेत की मिट्टी के तत्वों की जानकारी देनी होगी. इसमें नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटेशियम, ऑर्गेनिक कार्बन, पीएच आदि की जानकारी भरनी होगी. अगर किसान के पास स्वॉयल हेल्थ कार्ड होगा तो वह यूरिया, डीएपी आदि की मात्रा और फसल की जानकारी पा सकेगा़

रखनी होगी मिट्टी की सेहत की जानकारी

'स्वॉयल न्यूट्रियंट मैनेजर' एप का लाभ लेना है तो किसानों को अपनी मिट्टी की सेहत की जानकारी रखनी चाहिए. इसके लिए मृदा स्वास्थ्य परीक्षण कार्ड बनवाना होगा. तभी मिट्टी के सारे तत्वों की जानकारी पास में रहेगी. दरअसल, एप में कुछ जरूरी जानकारी डालनी होगी तभी वह आपको बेहतर सलाह देगा. फिलहाल इन फसलों का कर सकते हैं चयन एप में फिलहाल संकर धान, खरीफ मक्का, सरसों, आलू, रबी मक्का, धान, गेहूं (देर से बाेया गया), गेहूं (वर्षा आधारित), गेहूं (समय से बोया गया) आदि को लेकर किसान सलाह ले सकते हैं. एप का ईजाद करनेवाले वैज्ञानिकों की टीम के सदस्य डॉ मनोज कुमार ने बताया कि इसमें और फसलों को जोड़ा जायेगा. किसानों से फीडबैक लिया जा रहा है. हाल ही में वैशाली का भ्रमण करने के दौरान केला और प्याज को भी जोड़ने की किसानों ने गुजारिश की है.

धीरे-धीरे सभी तरह के फसलों को जोड़ लिया जायेगा. बकौल मनोज, अभी तक यह एप बिहार और झारखंड के किसानों के लिये काम कर रहा है. जल्दी ही इसका लाभ ओड़िशा, असम, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बंगाल, छत्तीसगढ़ आदि क्षेत्र के किसानों को भी मिलेगा. एप को और बेहतर करने के लिये फीडबैक के आधार पर लगातार काम चल रहा है.